आम जनता का सोना जमा करवा सकती है सरकार! जानें पहले किस देश में हो चुका है ऐसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सोने को लेकर चर्चा बढ़ी है. अमेरिका में 1933 में सरकार ने लोगों से सोना जमा कराया था. भारत में भी 1968 में गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू हुआ था.

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Km Jaya

नई दिल्ली: भारत में सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परंपरा, बचत और आर्थिक सुरक्षा का बड़ा साधन माना जाता है. शादी, त्योहार और निवेश के लिए लोग बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील की चर्चा तेज हो गई है. 

इसके बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार कभी आम लोगों का सोना जमा करवा सकती है. दुनिया में इसका सबसे चर्चित उदाहरण अमेरिका में देखने को मिला था. साल 1933 में तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 6102 जारी किया था. 

आदेश में क्या कहा गया था?

इस आदेश के तहत लोगों को अपने पास मौजूद सोने के सिक्के, बुलियन और गोल्ड सर्टिफिकेट सरकार को जमा कराने पड़े थे. बदले में उन्हें कागजी मुद्रा दी गई थी. उस समय लोग सीमित मात्रा में ही सोना रख सकते थे. आदेश का पालन नहीं करने वालों पर भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान था.

अमेरिका में कब लिया गया था यह फैसला?

अमेरिका ने यह फैसला ग्रेट डिप्रेशन के दौरान लिया था. उस समय बेरोजगारी बढ़ रही थी, बैंक बंद हो रहे थे और अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में थी. सरकार अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत करना चाहती थी ताकि आर्थिक व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके. अधिकारियों का मानना था कि लोग सोना जमा करके बाजार में नकदी का प्रवाह कम कर रहे थे.

भारत में क्या है नियम?

भारत में भी सोने पर सख्त नियम लागू किए जा चुके हैं. साल 1968 में सरकार ने गोल्ड कंट्रोल एक्ट लागू किया था. इस कानून के तहत लोगों के लिए सोने की ईंटें और सिक्के रखना प्रतिबंधित कर दिया गया था. बड़ी मात्रा में सोना होने पर इसकी जानकारी देना जरूरी था. लोगों को मुख्य रूप से ज्वेलरी के रूप में सोना रखने की अनुमति थी. बाद में 1990 के आर्थिक सुधारों के दौरान इस कानून को खत्म कर दिया गया.

फिलहाल भारत में कोई तय सीमा नहीं है कि कोई व्यक्ति कितना सोना रख सकता है लेकिन आयकर जांच के दौरान शादीशुदा महिला 500 ग्राम, अविवाहित महिला 250 ग्राम और पुरुष 100 ग्राम तक सोना बिना दस्तावेज के रख सकते हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में सरकार लोगों का निजी सोना जब्त नहीं कर सकती. हालांकि युद्ध, राष्ट्रीय आपातकाल या गंभीर आर्थिक संकट जैसी स्थिति में सरकार विशेष अधिकारों का इस्तेमाल कर सकती है.