21, 25 या 45 दिन का इंतजार..., आखिर कब कर सकेंगे LPG गैस सिलेंडर की बुकिंग? जानें सरकार ने क्या बनाए नए नियम
सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है. अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 15 से 21 दिन का इंतजार करना होगा. कुछ क्षेत्रों में यह अंतराल 25 से 45 दिन तक हो सकता है.
नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा संकट और युद्ध के हालातों के बीच भारत सरकार ने कुकिंग गैस की संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बुकिंग नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं. अब आप अपनी मर्जी से किसी भी समय सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे. गैस वितरण कंपनियों IOCL, BPCL, और HPCL ने सिलेंडर रिफिल के लिए एक नया समय चक्र निर्धारित किया है. एक ऐसी व्यवस्था जिसे हर उपभोक्ता को समझना जरूरी है.
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर रोक लगाने और पैनिक बुकिंग यानी घबराहट में बुकिंग को रोकने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए बुकिंग का समय अलग-अलग हो सकता है.
क्या हैं नए नियम?
नए नियमों के अनुसार अब दो सिलेंडरों की बुकिंग के बीच एक अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि का पालन करना होगा. अगर एक बार आपको सिलेंडर मिल जाता है, तो आप अगले 15 से 21 दिनों तक दोबारा बुकिंग नहीं कर पाएंगे. इस उपाय के पीछे मुख्य तर्क राशनिंग है. सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों के बावजूद हर घर के पास हमेशा कम से कम एक चालू गैस सिलेंडर उपलब्ध रहे.
किन क्षेत्रों में पड़ेगा ज्यादा असर?
विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां आपूर्ति की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. यह प्रतीक्षा अवधि 25 से 45 दिनों तक बढ़ सकती है. यह उपाय हालिया संकट के जवाब में लागू किया गया है, ताकि संपन्न लोग सिलेंडरों का जखीरा न कर सकें और इस तरह यह सुनिश्चित किया जा सके कि गरीबों और जरूरतमंदों को गैस की कमी का सामना न करना पड़े.
तेल कंपनियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर सिस्टम को अब इस तरह से अपडेट किया गया है कि यदि आप निर्धारित प्रतीक्षा अवधि समाप्त होने से पहले सिलेंडर बुक करने का प्रयास करते हैं, तो सिस्टम या तो अनुरोध को अस्वीकार कर देगा या उसे लंबित यानी pending के रूप में चिह्नित कर देगा.
सरकार ने क्यों लिया ऐसा निर्णय?
सरकार का यह निर्णय कच्चे तेल और गैस की कीमतों में वैश्विक उछाल, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में आई रुकावटों का परिणाम है. भारत अपनी LPG की 50 प्रतिशत से ज्यादा जरूरतें आयात से पूरी करता है. युद्ध की वजह से सप्लाई में हुई देरी के कारण पेंडिंग ऑर्डर का ढेर लगता जा रहा है. इस पेंडिंग काम को निपटाने के लिए ही बुकिंग का समय बढ़ाया गया है.
गांव के इलाकों में कितने दिन का होगा समय?
गांव के इलाकों में जहां सामान पहुंचाने में ज्यादा दिक्कतें आती हैं. बुकिंग का समय 45 दिन तय किया जा सकता है. वहीं शहरों में जहां गैस एजेंसियां ज्यादा पास होती हैं, यह समय 21 दिन तय किया गया है. इसके अलावा जिन घरों में 'सिंगल-सिलेंडर' कनेक्शन है, उन्हें 'डबल-सिलेंडर' (DBC) कनेक्शन वालों के मुकाबले बुकिंग में ज्यादा प्राथमिकता दी जा सकती है.