Bengal Election: अमित शाह की रणनीति... ममता बनर्जी को ऐसे लगा डबल झटका

बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी का झटका लगा है, और यह संभव कर दिखाया है अमित शाह की रणनीति ने. उन्होंने इस काम के लिए जानबूझ सुवेंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा था, ये थी पूरी स्क्रिप्ट.

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Dhiraj Kumar Dhillon

पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी को डबल झटका लगा है, और यह संभव हुआ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति से. उनकी पार्टी TMC बंगाल चुनाव में करीब 100 सीटों से हार गई और ममता बनर्जी खुद अपनी सीट तक नहीं बचा पाईं. कैसे अ‌मित शाह ने सुवेंदु अधिकारी को साथ लेकर ममता बनर्जी पर मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक वार एक साथ किया, इस खबर में पूरी बात तफ्सील से बताएंगे। खबर को अंत तक पढ़ें।

नंदीग्राम से लड़ना चाहते थे सुवेंदु अधिकारी

बीजेपी नेता केवल नंदीग्राम से चुनाव लड़ना चाहते थे. ये वही सीट थी जो 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने ममता से झटकी थी. लेकिन अमित शाह कुछ और ही सोचे बैठे थे. उन्होंने सुवेंदु अधिकारी को कहा कि आप नंदीग्राम के साथ- साथ भवानीपुर से भी चुनाव लड़ें. अमित शाह बोले- "सुवेंदु दा ममता को उनके घर में भी हराना है।" उन्होंने इसके लिए खास रणनीति बनाई और भवानीपुर में स्पेशल टीम भी तैनात की.

अमित शाह ने टीम को दिए थे ये टास्क

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भवानीपुर में तैनात स्पेशल टीम को बाकायदा टास्क दिए थे. सबसे पहला टास्क था- इस बात पर नजर रखना कि भाजपाईयों में कहीं कोई असंतोष तो नहीं है, और यदि है तो उसे तुरंत रिपोर्ट किया जाए. दूसरा- तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की ओर से यदि कोई धमकी दी जाती है तो उसका तुरंत क्राइसेस मैनेजमेंट किया जाए। तीसरा टास्क था- अपने कार्यकर्ताओं को इस बात के लिए तैयार कराएं कि वे सुबह 11 बजे तक अधिक से अधिक वोटिंग सुनिश्चित करें.

अमित शाह की ये भी एक खास स्ट्रेटेजी थी

भवानीपुर में ममता बनर्जी को परास्त करने के लिए अमित शाह ने एक खास स्ट्रेटेजी और बनाई थी- गुजराती और मारवाड़ी वोटर्स पर फोकस. इस सीट पर 25000 से अधिक गुजराती और 21000 से अधिक मारवाड़ी समुदाय के वोटर्स हैं. ये दोनों ही समुदाय टीएमसी के अत्याचारों से त्रस्त थे. दोनो समुदायों के साथ अमित शाह ने सीधा संवाद स्थापित किया और उनके साथ डिनर का भी आयोजन कराया. संवाद के दौरान दोनों समुदायों ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होने पर खुलकर मतदान करने की बात कही थी. 45000 से अधिक एक मुश्त वोटों वाले इन दोनों समुदायों पर काम करना बीजेपी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हुआ.

दूसरी बार भी सुवेंदु अधिकारी से हार का डबल असर

अमित शाह की रणनीति का असर यह हुआ कि ममता बनर्जी अपने घर में भी बीजेपी से मात खा गईं. सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,105 मतों से हरा दिया. सूबे में पार्टी की हार और खुद ममता बनर्जी की सीट चली जाने से उन्हें डबल झटका लगा. भवानीपुर हार जाने का ममता बनर्जी पर डबल असर इसलिए भी हुआ कि उन्हें इस बार भी उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों परास्त होना पड़ा. 2021 में नंदीग्राम में भी उन्हें सुवेंदु अधिकारी ने ही हराया था.