सोशल मीडिया का पागलपन बिगाड़ रहा है मेंटल हेल्थ, दिमाग को रिफ्रेश करना जरूरी

Social Media Disadvantages: क्या आप जानते हैं कि सोशल मीडिया का जादू आप पर चल रहा है और आप पूरे दिन इस पर लगे रहते हैं? इससे आपकी मेंटल हेल्थ काफी खराब हो सकती है. चलिए जानते हैं इस मामले पर हुई एक रिसर्च के बारे में. 

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India Daily Live

Social Media Disadvantages: सोशल मीडिया का जादू कुछ ऐसा है कि यह दुनिया भर के लोगों को अपने साथ जोड़ता चला जा रहा है. लोग अपनी जिंदगी का हर पल यहां शेयर करना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जुड़ाव आपकी मेंटल हेल्थ को प्रभावित कर रहा है? अगर नहीं पता है तो हम आपको एक रिपोर्ट की डिटेल्स दे रहे हैं जिन्हें देख आप चौंक जाएंगे. इस स्टडी में पता चला है कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल से युवाओं की मेंटल हेल्थ खराब हो रही है. 

सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल है खतरनाक: 

मीडिया जर्नल साइकनेट की एक स्टडी से पता चला है कि युवा अगर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर दें तो अपने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं. रिसर्चर्स ने इस स्टडी में उन लोगों को शामिल किया जो इमोशनल तौर पर कमजोर हैं. कहा गया है कि अगर ये लोग रोजाना एक घंटे से कम समय सोशल मीडिया पर बिताएं तो उनकी चिंता और कुछ छूट जाने का डर कम हो जाएगा. 

एडल्टहुड के शुरुआत में आपकी बॉडी, दिमाग और इमोशन्स के साथ काफी कुछ बदल रहा होता है. ये मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी समय होता है. लेकिन यही वो समय भी होता है जब बच्चों को मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं होती है. रिसर्च से पता चला है कि हर साल लगभग 20% युवा मेंटल हेल्थ की समस्या से गुजरते हैं. अब, इसमें सोशल मीडिया को भी जोड़ लें. ज्यादातर कनाडाई युवा अपने दिन का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया पर बिताते हैं. सोशल मीडिया का इतना इस्तेमाल मेंटल हेल्थ के लिए सही नहीं है. 

कार्लटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक स्टडी की जिसमें 220 ग्रेजुएशन छात्रों को शामिल किया गया जो लगातार सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते थे. शुरू में, सभी छात्रों को एक हफ्ते के लिए नॉर्मल समय  के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया, फिर उन्हें तीन हफ्ते के लिए दो ग्रुप्स में डिवाइड किया गया. एक ग्रुप को हर दिन एक घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा गया था.

इस रिसर्च के रिजल्ट चौंकाने वाले थे. इन लोगों में जिन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल कम किया, उनमें डिप्रेशन और चिंता के लक्षण कम नजर आए. उन्हें खो जाने का डर भी कम था और उनकी रात की नींद लगभग 30 मिनट बढ़ गई. इस रिसर्च से यह पता चला कि सोशल मीडिया के समय में थोड़ी-सी कमी से भी मेंटल हेल्थ में सुधार हो सकता है.