त्योहार की खुशी में न करें ये गलती! रक्षाबंधन पर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान साइबर स्कैम से ऐसे बचें

त्योहारों के आसपास साइबर स्कैमर भी एक्टिव हो जाते हैं. वे लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाते हैं. इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है.

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Shilpa Srivastava

 

नई दिल्ली: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है. इस मौके पर लोग ऑनलाइन राखी, मिठाई और गिफ्ट खरीदते हैं. ऑफर और डिस्काउंट का लालच भी रहता है. लेकिन त्योहारों के आसपास साइबर स्कैमर भी एक्टिव हो जाते हैं. वे लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाते हैं. इसलिए सतर्क रहना बहुत जरूरी है. त्योहारों पर लोग ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और जल्दबाजी में ऑफर देखकर क्लिक कर देते हैं. स्कैमर इसी मौके का फायदा उठाते हैं. वे फर्जी डील्स, भारी छूट, नकली ऐप और फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को फंसाते हैं.

साइबर स्कैमर किन तरीकों से शिकार बनाते हैं?

स्कैमर कई तरह के लालच देते हैं. इनमें फर्जी गिफ्ट लिंक, राखी और गिफ्ट पर बहुत ज्यादा छूट के ऑफर, कुरियर डिलीवरी से जुड़े मैसेज, UPI रिफंड के नाम पर कॉल और कैशबैक या बैंक ऑफर शामिल हैं. ये सब आम लोगों को आकर्षित करने के लिए बनाए जाते हैं. ऐसे मैसेज या कॉल आने पर जल्दबाजी में कोई कार्रवाई न करें. अनजान लिंक, फर्जी ऐप या नकली वेबसाइट पर भरोसा करना नुकसानदेह साबित हो सकता है.


साइबर स्कैम से बचने के उपाय:

  • अनजान या संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें.  

  • UPI से पैसे रिसीव करने के लिए पिन न डालें. याद रखें, पैसे लेने के लिए QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती.  

  • किसी भी अनजान व्यक्ति या कॉल पर OTP, ATM पिन, UPI पिन या बैंक डिटेल्स कभी साझा न करें.  

  • ऑनलाइन शॉपिंग हमेशा आधिकारिक और भरोसेमंद वेबसाइट या ऐप से ही करें.  

  • बहुत ज्यादा छूट या फ्री गिफ्ट वाले ऑफर पर शक करें.  

  • कुरियर या रिफंड से जुड़े कॉल आने पर खुद कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जांच करें.

क्या करें अगर स्कैम हो जाए?

अगर किसी को लगता है कि वह स्कैमरी का शिकार हो गया है तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें, संबंधित ऐप या वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराएं और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें.