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5 दिन और 16.50 करोड़ रुपये गायब…! आखिर साइबर क्रिमिनल्स ने बैंक से कैसे चुरा ली इतनी बड़ी रकम

Cyber Crime: देश में जिस तरह से साइबर क्राइम बढ़ रहा है यह कहना गलत नहीं होगा कि लोगों की जानकारी और पैसा दोनों ही खतरे में है. साइबर हैकिंग में लोग हजारों नहीं बल्कि करोड़ो रुपये गंवा देते हैं. हाल ही में एक मामला सामने आया है जिसमें हैकर्स ने पूरे 5 दिन लगाकर एक बैंक से 16.50 करोड़ रुपये चुरा लिए. 

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India Daily Live

Cyber Crime: देश में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. आए दिन कोई न कोई खबर आती ही रहती है जिसमें लोगों का बैंक अकाउंट खाली किए जाने की खबर रहती है. साइबर हैकिंग में लोग हजारों नहीं बल्कि करोड़ो रुपये गंवा रहे हैं. हाल ही में एक और घटना सामने आई है जिसमें हैकर्स ने नोएडा के एक बैंक से 16.50 करोड़ रुपये चुरा लिए. इस पूरे प्रोसेस में हैकर्स ने 5 दिन लगाए और सारे पैसे एक नहीं बल्कि कई अकाउंट्स में ट्रांसफर किए. 

पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा में नैनीताल बैंक की एक ब्रांच ने सर्वर में सेंधमारी की सूचना दी. इसके चलते हैकर्स ने 16.50 करोड़ रुपये कई बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए. एसीपी (साइबर क्राइम) विवेक रंजन राय ने बताया कि इस मामले की जांच शुरू हो गई है. अब ये जानते हैं कि आखिर हैकर्स ने यह काम किया कैसे.  

हैकर्स ने कैसे चुराई इतनी बड़ी रकम: 

साइबर हैकर्स ने लॉगिन डिटेल्स हासिल करने के लिए सर्वर को हैक किया. हैकर्स ने कथित तौर पर मैनेजेरियल लॉगिन क्रिडेंशियल को चुराया और फिर बैंक के रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम में घुस गए. ऐसा करके बैंक के 16.50 करोड़ रुपये चुरा लिए. बताया जा रहा है कि यह पैसा 89 अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए. 

3 आम तरीके जो हैकर्स आपके बैंक खाते में सेंध लगाने के लिए अपनाते हैं-

मोबाइल बैंकिंग ट्रोजन: फर्जी बैंकिंग ऐप बैंक अकाउंट हैक करने का एक आसान तरीका बन गए हैं. साइबर अटैक का सबसे आसान तरीका मौजूदा बैंकिंग ऐप को धोखा देना है. इन ऐप्स में मैलवेयर डालने से लेकर ओरिजिनल ऐप्स का क्लोन बनाने तक कई तरीके शामिल हैं. हैकर्स असली ऐप्स का क्लोन बनाकर थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं.

फिशिंग: हैकर्स ऐसे लिंक भेजते हैं कि वो लोगों को उन पर क्लिक करने के लिए मजबूर कर देते हैं. इस तरह के लिंक किसी विश्वसनीय अकाउंट का क्लोन बनाकर भेजा जाता है. 

कीलॉगर्स: इस तरह के स्कैम में लोग आमतौर पर फंस जाते हैं. आप जो भी कीबोर्ड पर टाइप करते हैं वो सभी कुछ इस तरीके से हैकर्स के पास पहुंच जाता है. इसमें आपके बैंक की डिटेल्स, यूजरनेम और पासवर्ड शामिल है.