होटल के फ्री Wi-Fi से रहें सावधान, एक क्लिक से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
अगर आप घूमने-फिरने के दौरान होटल का फ्री Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी होटल और कॉन्फ्रेंस हॉल के Wi-Fi का इस्तेमाल लोगों की निजी जानकारी चुराने के लिए कर रहे हैं.
नई दिल्ली: अगर आप घूमने-फिरने के दौरान होटल का फ्री Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी होटल और कॉन्फ्रेंस हॉल के Wi-Fi का इस्तेमाल लोगों की निजी जानकारी चुराने के लिए कर रहे हैं. कई लोग मोबाइल डाटा बचाने के लिए होटल का Wi-Fi तुरंत कनेक्ट कर लेते हैं. यही लापरवाही हैकर्स के लिए मौका बन जाती है.
कैसे होता है Wi-Fi के जरिए साइबर अटैक?
माइक्रोसॉफ्ट की रिपोर्ट में इस साइबर हमले को CaptiveCrunch यानी Storm-2945 नाम दिया गया है. जब कोई व्यक्ति होटल के Wi-Fi से कनेक्ट करता है, तो अक्सर फोन या लैपटॉप पर एक पेज खुलता है. इसमें कमरे का नंबर, नाम या मोबाइल नंबर जैसी जानकारी मांगी जा सकती है. इसे Captive Portal कहा जाता है.
हैकर्स इसी सिस्टम का फायदा उठाते हैं. वे असली Wi-Fi लॉगिन पेज की तरह दिखने वाला नकली पेज तैयार कर सकते हैं. इसके बाद यूजर को एक पॉप-अप दिखाई देता है, जिसमें ब्राउजर या विंडोज को अपडेट करने के लिए कहा जाता है.
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एक क्लिक से डिवाइस में पहुंच सकता है मैलवेयर:
नकली अपडेट मैसेज देखकर अगर यूजर जल्दबाजी में अपडेट बटन पर क्लिक कर देता है, तो उसके डिवाइस में खतरनाक मैलवेयर डाउनलोड हो सकता है. इसके बाद हैकर्स डिवाइस में मौजूद जानकारी तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यूजर को कई बार पता भी नहीं चलता कि उसके डिवाइस में कोई खतरनाक फाइल या प्रोग्राम डाउनलोड हो चुका है.
कौन-सी जानकारी हो सकती है चोरी?
मैलवेयर डिवाइस में पहुंचने के बाद हैकर्स कई तरह की पर्सनल डिटेल्स को निशाना बना सकते हैं. इसमें बैंकिंग से जुड़ी जानकारी, क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट और ईमेल की जानकारी शामिल हो सकती है. इसके अलावा फोन या लैपटॉप में मौजूद निजी फोटो, वीडियो और जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी खतरे में पड़ सकते हैं. इसलिए होटल के Wi-Fi का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है.
होटल के Wi-Fi से कैसे बचें?
साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे आसान तरीका है कि होटल के पब्लिक Wi-Fi का इस्तेमाल करने से बचें. जरूरत पड़ने पर मोबाइल डाटा या अपने निजी हॉटस्पॉट का इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित ऑप्शन साबित हो सकता है. अगर होटल का Wi-Fi इस्तेमाल करना जरूरी हो, तो सावधानी से कनेक्ट करें. Wi-Fi से जुड़ने के बाद अगर कोई अचानक क्रोम या विंडोज या किसी दूसरे सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का पॉप-अप दिखाई दे, तो उस पर क्लिक न करें.
VPN का भी कर सकते हैं इस्तेमाल:
होटल के Wi-Fi का इस्तेमाल जरूरी होने पर VPN का इस्तेमाल भी एक अतिरिक्त सुरक्षा उपाय हो सकता है. VPN आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित रखने में मदद करता है और सार्वजनिक नेटवर्क पर डाटा की सुरक्षा बढ़ा सकता है. साथ ही, बैंकिंग या दूसरी बेहद संवेदनशील जानकारी दर्ज करते समय पब्लिक Wi-Fi से बचना बेहतर है.
एक छोटी-सी गलती पड़ सकती है भारी:
होटल का फ्री Wi-Fi सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसे इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी है. किसी अनजान पॉप-अप, अपडेट लिंक या संदिग्ध फाइल पर क्लिक करने से बचें. Free Wi-Fi इस्तेमाल करते समय थोड़ी सावधानी आपके पर्सनल डाटा और ऑनलाइन अकाउंट्स को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है.