उत्तराखंड में फिर बदला मौसम, देहरादून में तेज बारिश; पिथौरागढ़ में भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित
उत्तराखंड में मानसून की रफ्तार कमजोर पड़ने के बावजूद देहरादून में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. वहीं पिथौरागढ़ में लगातार भूस्खलन के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग और आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ है.
उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां धीमी पड़ने के बीच देहरादून में गुरुवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली. सुबह करीब 6 बजे से कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई. कुछ ही देर में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी जमा हो गया.
मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार यानी 17 सितंबर को देहरादून समेत राज्य के पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. प्रदेश में आज गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि, 18 सितंबर से मौसम को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है.
पिथौरागढ़ में पहाड़ी से गिर रहे पत्थर और मलबा
पिथौरागढ़ जिले में लगातार भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग-09 पर घाट बैंड और मुन्ना बैंड के पास पहाड़ी बेहद संवेदनशील बनी हुई है. यहां लगातार पत्थर, बोल्डर और मलबा गिर रहा है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात के समय इस हिस्से में यातायात रोक दिया गया है.
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एसडीएम जितेंद्र वर्मा के मुताबिक, संबंधित पहाड़ी की स्थिति काफी संवेदनशील है और दिन-रात पत्थर गिरने की घटनाएं हो रही हैं. मार्ग पर जमा मलबे को हटाने के लिए मशीनों की मदद ली जा रही है. प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भी लैंडस्लाइड
पिथौरागढ़ में आदि कैलाश यात्रा मार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुआ है. गरमपानी के पास पहाड़ी का एक हिस्सा दरक गया. इसके बाद मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई. सूचना मिलने पर सीमा सड़क संगठन की टीम मौके पर पहुंची और सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया. इससे पहले दोबाट के पास भी पहाड़ी दरकने से मार्ग प्रभावित हो चुका है. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारण इस क्षेत्र में आवाजाही करने वाले लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.