Uttarkashi Rescue: बर्फबारी में फंसे 96 ट्रेकर्स को बचाने फिर शुरू हुआ हेली रेस्क्यू, आज पूरा हो सकता है अभियान; हर्षिल बना बेस कैंप
उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेली रेस्क्यू अभियान दोबारा शुरू कर दिया गया है. सोमवार को 40 ट्रेकर्स को सुरक्षित हर्षिल पहुंचाया गया था, लेकिन दोपहर बाद मौसम खराब होने के कारण अभियान रोकना पड़ा.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालयी इलाकों में बर्फबारी के कारण फंसे पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए हेली रेस्क्यू अभियान मंगलवार को फिर शुरू कर दिया गया है. सोमवार को मौसम में सुधार के बाद हेलीकॉप्टरों की मदद से रेस्क्यू शुरू किया गया था, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे के बाद मौसम बिगड़ने पर अभियान रोकना पड़ा. उस दौरान 40 ट्रेकर्स को सुरक्षित बाहर निकालकर हर्षिल पहुंचाया गया था.
अब प्रशासन का फोकस शेष 96 पर्वतारोहियों और ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने पर है. अधिकारियों को उम्मीद है कि मंगलवार को मौसम ने साथ दिया तो रेस्क्यू अभियान पूरा किया जा सकता है.
हर्षिल से फिर शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
मंगलवार को हर्षिल हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की मौजूदगी में रेस्क्यू अभियान से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और हेलीकॉप्टर पायलटों के साथ जरूरी समन्वय किया गया. ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए विस्तृत योजना तैयार करने के बाद हेली रेस्क्यू दोबारा शुरू किया गया. प्रशासन की कोशिश है कि मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टरों की उड़ान को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाए, ताकि ऊंचाई वाले इलाकों में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके.
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सोमवार को 40 ट्रेकर्स को निकाला गया
सोमवार को शुरू हुए अभियान में कुल 40 लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला गया था. इनमें 29 ट्रेकर्स को ऑडेन कोल क्षेत्र से और 11 लोगों को कालिंदी पास क्षेत्र से बाहर लाया गया. सभी को हर्षिल पहुंचाया गया. रेस्क्यू के दौरान मौसम ने बड़ी चुनौती खड़ी की. दोपहर बाद मौसम खराब होने के कारण हवाई अभियान को रोकना पड़ा. इसके बाद प्रशासन ने मंगलवार को मौसम की स्थिति को देखते हुए अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी की.
बर्फबारी के कारण फंसे थे ट्रेकर्स
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने और बर्फबारी के कारण बड़ी संख्या में पर्वतारोही और ट्रेकर्स मुश्किल में फंस गए थे. कुछ इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने के कारण लोगों के लिए नीचे उतरना या आगे बढ़ना मुश्किल हो गया था. सोमवार के अभियान के बाद भी बड़ी संख्या में लोग ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौजूद थे. ऐसे में प्रशासन ने हेली रेस्क्यू को प्राथमिकता दी है. खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए पैदल रेस्क्यू टीमों को भी अलर्ट रखा गया है.
कई एजेंसियां मिलकर कर रहीं रेस्क्यू
इस अभियान में प्रशासन के साथ SDRF, NDRF, पुलिस, सेना और अन्य संबंधित टीमें समन्वय कर रही हैं. हर्षिल को हेली रेस्क्यू के लिए बेस कैंप बनाया गया है. रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऊंचाई वाले क्षेत्रों का मौसम और हेलीकॉप्टर उड़ानों के लिए सुरक्षित परिस्थितियां हैं. इसलिए हर उड़ान से पहले मौसम और ट्रेकर्स की लोकेशन का आकलन किया जा रहा है.