उत्तराखंड में अगले 4 दिन नहीं बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश और बर्फबारी की कमी से बढ़ी चिंता

उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा. बारिश और बर्फबारी की कमी से कोहरा बढ़ेगा, जबकि लंबे सूखे का असर ग्लेशियरों, नदियों और खेती पर पड़ने की आशंका जताई गई है.

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Kuldeep Sharma

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने फिलहाल स्थिर रुख अपना लिया है. मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों तक राज्य में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. बारिश और बर्फबारी की कमी के कारण अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा. मैदानी इलाकों में घना कोहरा और पहाड़ी क्षेत्रों में हल्का कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है. लगातार सूखे हालातों को देखते हुए आने वाले महीनों को लेकर भी चिंता जताई जा रही है.

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में अगले चार दिनों तक मौसम लगभग समान बना रहेगा. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है. दिन में हल्की धूप रहेगी, जबकि सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा. तापमान में भी कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा, जिससे ठंड स्थिर बनी रहेगी.

मैदानी इलाकों में कोहरे का असर

हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाने की संभावना है. सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है. वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी कोहरे का असर पड़ सकता है.

पर्वतीय क्षेत्रों में भी शुष्क हालात

राज्य के पर्वतीय इलाकों में भी मौसम शुष्क बना रहेगा. कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है, जिससे यात्रा के दौरान दिक्कतें बढ़ सकती हैं. बीते दिनों हुई हल्की बर्फबारी से अस्थायी राहत जरूर मिली, लेकिन यह बर्फबारी जरूरत के मुकाबले काफी कम रही है. जनवरी में भी अब तक मौसम सूखा ही बना हुआ है.

बारिश की कमी से बढ़ती चिंता

नवंबर और दिसंबर के महीने लगभग बिना बारिश और बर्फबारी के बीत गए. मौसम विभाग ने नए साल की शुरुआत में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी की संभावना जताई थी, लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी. विभाग के अनुसार अगले तीन महीनों तक बारिश सामान्य से कम रह सकती है. पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर सक्रियता को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है.

ग्लेशियर, नदियां और खेती पर प्रभाव

बारिश और बर्फबारी की कमी का असर आने वाले समय में साफ दिखाई दे सकता है. ग्लेशियरों पर कम बर्फ जमने से नदियों के जलस्तर में गिरावट की आशंका है. गर्मी सामान्य से अधिक पड़ सकती है. वहीं, कम बारिश के कारण रबी फसलों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं.