उत्तराखंड में मानसून का विकराल रूप, नैनीताल-अल्मोड़ा समेत कई जिलों में रेड अलर्ट; 6 की मौत
उत्तराखंड में लगातार मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने हालात बिगाड़ दिए हैं. मौसम विभाग ने 3 सितंबर के लिए नैनीताल और अल्मोड़ा समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर विकराल रूप दिखा रहा है. लगातार हो रही तेज बारिश और भूस्खलन ने कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है.
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है.
अल्मोड़ा में स्कूल-कॉलेज बंद
अल्मोड़ा जिला प्रशासन ने आपदा के खतरे को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है. प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए यह फैसला लिया है. मौसम विभाग ने कहा कि रानीखेत, चौखुटिया, भिकियासैंण, द्वाराहाट और कटारमल समेत कई इलाकों में भारी बारिश का असर दिखेगा. पहाड़ों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण जिले की करीब 15 सड़कें बंद हो गई हैं. इससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है.
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नैनीताल में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
पर्यटन नगरी नैनीताल और आसपास के इलाकों में हालात चिंताजनक बने हुए हैं. नैनीताल में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई है. कैंची धाम और मुक्तेश्वर में भी 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है. गौला बैराज से नदी में अचानक करीब 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई. तेज बहाव के कारण बिंदुखत्ता, लालकुआं और शांतिपुरी क्षेत्रों में उपजाऊ जमीन के कटाव की समस्या सामने आ रही है. भीमताल, भवाली, रामनगर और कोटाबाग के नदी-नाले भी उफान पर हैं.
मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट
पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश का असर अब ऊधम सिंह नगर के मैदानी क्षेत्रों में भी दिखने लगा है. गौला, कोसी, दाबका, नंधौर और कैलाश नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. तराई के कई इलाकों में खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
प्रशासन की टीमें नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार लोगों को सतर्क कर रही हैं. गाड़ियों से सायरन बजाकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है. पिछले 24 घंटों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 6 लोगों की मौत की खबर ने हालात की गंभीरता और बढ़ा दी है.