मरीजों की लंबी लाइनें देख भड़का स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड के 4 मेडिकल कॉलेज समेत सभी जिला अस्पतालों को नोटिस

उत्तराखंड में मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा उपलब्ध न कराने और ओपीडी में लंबी कतारें लगने के मामले में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है.

Gemini
Reepu Kumari

उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को डिजिटल सुविधा का लाभ नहीं मिलने का मामला अब गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बन गया है. अस्पतालों में लंबी कतारों और ऑनलाइन पंजीकरण की कमजोर व्यवस्था को लेकर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने सख्त कदम उठाते हुए चार मेडिकल कॉलेजों और सभी जिला अस्पतालों को नोटिस जारी किया है. संबंधित संस्थानों से इस संबंध में जवाब भी मांगा गया है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मरीजों को ओपीडी में राहत देने के लिए शुरू की गई डिजिटल व्यवस्था अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है. हजारों मरीज रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन पंजीकरण की संख्या बेहद कम बनी हुई है. यही वजह है कि अब अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

केंद्र की समीक्षा से पहले बढ़ी प्रशासन की चिंता

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति को लेकर जल्द समीक्षा होने वाली है. इससे पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की नाराजगी के बाद उत्तराखंड में कार्रवाई की गई है. एबीडीएम की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना जोशी ने दून, हरिद्वार, श्रीनगर और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज समेत सभी जिला अस्पतालों को नोटिस भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.

मरीजों को राहत देने के लिए शुरू हुई थी व्यवस्था

‘स्कैन एंड शेयर’ प्रणाली का उद्देश्य अस्पतालों में पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाना है. इसके तहत मरीज क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी आभा आईडी के जरिए सीधे ओपीडी पंजीकरण कर सकते हैं. इससे पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ती और स्वास्थ्य रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित रहता है.


अस्पतालों में बेहद कम दिखा असर

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कई अस्पतालों में यह सुविधा लगभग निष्क्रिय बनी हुई है. टिहरी जिला अस्पताल में इस माध्यम से एक भी मरीज का पंजीकरण नहीं हो रहा. वहीं अन्य अस्पतालों में भी ऑनलाइन पंजीकरण का आंकड़ा कुल मरीजों की संख्या के मुकाबले बहुत कम पाया गया, जिससे योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं.

हजारों मरीज, लेकिन ऑनलाइन पर्चे गिने-चुने

हरिद्वार जिला अस्पताल में प्रतिदिन केवल 20 से 100 मरीज ही इस सुविधा का उपयोग कर रहे हैं. दून के कोरोनेशन अस्पताल में लगभग 800 मरीजों की ओपीडी के मुकाबले सिर्फ 25 से 30 ऑनलाइन पर्चे बन रहे हैं. अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भी ऑनलाइन पंजीकरण का आंकड़ा अपेक्षा से काफी कम दर्ज किया गया है.

नोटिस के बाद शुरू हुआ सुधार अभियान

कार्रवाई के बाद दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने व्यवस्था में तेजी दिखाई है. एबीडीएम के लिए अलग काउंटर बनाया गया है और मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार पहले जहां लगभग 400 ऑनलाइन पंजीकरण हो रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 820 तक पहुंच गई है. अधिकारियों का कहना है कि अन्य अस्पतालों में भी इसी तरह सुधार के निर्देश दिए गए हैं.