उत्तराखंड: महिला संवाद में सशक्तिकरण की गूंज, गीत के माध्यम से महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जताया आभार

मुख्य सेवक सदन में मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह के दौरान महिलाओं ने स्वत:स्फूर्त गीत प्रस्तुत किए. गीतों में महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार जताया गया.

X
Ashutosh Rai

शनिवार को आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में महिलाओं ने अपनी बात गीतों के जरिए रखी. एक महिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने गीत प्रस्तुत कर महिला स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना और बिना ब्याज ऋण जैसी योजनाओं का उल्लेख किया. कार्यक्रम में महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया गया.

गीत के जरिए महिलाओं ने जताया आभार

मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने बिना किसी पूर्व तैयारी के केंद्र और राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर आधारित गीत गाए. इस दौरान एक महिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी बात पहुंचाने की इच्छा जताई और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने गीत प्रस्तुत किया. ‘हमें तो मोदी ने बहुत कुछ दिया है, बहुत शुक्रिया है’ गीत के माध्यम से उन्होंने महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं का जिक्र किया. गीत में प्रधानमंत्री के प्रति महिलाओं का स्नेह और भरोसा भी दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान इस प्रस्तुति से माहौल भावपूर्ण हो गया.

लखपति दीदी और स्वयं सहायता समूहों का जिक्र

महिला ने अपने गीत में बिना ब्याज ऋण, लखपति दीदी योजना और महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन जैसी योजनाओं को शामिल किया. उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है. गीत के जरिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उन नीतियों का उल्लेख किया, जिन्हें महिला सशक्तिकरण से जोड़ा गया है. महिलाओं की ओर से प्रस्तुत गीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार और विश्वास की भावना साफ नजर आई. कार्यक्रम में मौजूद अन्य महिलाओं ने भी इस प्रस्तुति को ध्यान से सुना और महिला भागीदारी के महत्व को सामने रखा.


योजनाओं की लाभार्थी से विकास की भागीदार तक

कार्यक्रम में महिलाओं ने गीतों के माध्यम से अपने जीवन में हो रहे बदलाव को भी सामने रखा. प्रस्तुति में यह बात उभरकर आई कि महिलाओं की भूमिका अब केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं है. उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार के साथ समाज व देश की प्रगति में योगदान देने वाली भागीदार के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. महिला स्वयं सहायता समूहों और दूसरी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की बात भी गीत में सामने आई. इस दौरान महिलाओं ने अपनी भावनाएं सरल और सीधे अंदाज में व्यक्त कीं.