उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर एक्शन जारी, 51 ने खुद खड़े किए अपने हाथ; अब 161 पर कार्रवाई की तैयारी!

उत्तराखंड में अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने वाली है. मदरसा शिक्षा बोर्ड समाप्त होने के बाद अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने पंजीकरण और मान्यता से जुड़े रिकॉर्ड जुटाने शुरू कर दिए हैं.

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Reepu Kumari

उत्तराखंड में अवैध रूप से चल रहे मदरसों पर अब कार्रवाई का दायरा बढ़ने वाला है. मदरसा शिक्षा बोर्ड समाप्त होने और उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अस्तित्व में आने के बाद ऐसे संस्थानों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जिन्होंने नए नियमों के तहत पंजीकरण नहीं कराया है. प्राधिकरण ने संबंधित मदरसों की जानकारी मांगी है. राज्य में पहले मदरसा बोर्ड से पंजीकृत कुल 452 मदरसे थे, जिनमें 52 वरिष्ठ माध्यमिक और 400 जूनियर हाईस्कूल स्तर के थे.

51 मदरसों ने खुद बंद किए दरवाजे

जांच में सामने आया है कि 51 मदरसों के प्रबंधन ने कार्रवाई से पहले ही अपने संस्थानों पर ताले लगा दिए. इन मदरसों में पहले विद्यार्थी पढ़ रहे थे. अब प्राधिकरण इनके विद्यार्थियों का रिकॉर्ड भी मांगेगा. इससे यह जानकारी जुटाई जाएगी कि संस्थान बंद होने के बाद वहां पढ़ने वाले बच्चों का दाखिला किन अल्पसंख्यक विद्यालयों में कराया गया.

161 मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी

प्रदेश में अभी 161 मदरसे किसी न किसी रूप में संचालित हैं. इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है. प्रशासन और संबंधित विभाग अब यह देख रहे हैं कि कौन से संस्थान निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं और किन संस्थानों के पास जरूरी मान्यता नहीं है. इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


200 मदरसों ने पोर्टल पर कराया पंजीकरण

राज्य के जूनियर और सीनियर स्तर के 200 मदरसों ने इन्वेस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराया है. इन संस्थानों की ओर से दर्ज कराए गए विवरण की शिक्षा विभाग जांच कर रहा है. विभाग की ओर से तय 22 नियमों का पालन करने वाले संस्थानों को ही अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान की मान्यता दी जाएगी.

10 मदरसे हो चुके हैं सील

अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है. शिक्षा विभाग और जिला समाज कल्याण विभाग ने प्रशासन के साथ मिलकर बुधवार तक प्रदेश के 10 मदरसों को सील किया है. वहीं तीन अन्य मदरसों को नोटिस जारी किए गए हैं. उन्हें जरूरी दस्तावेजों के साथ जिला प्रशासन के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं.

35 संस्थानों को मिल चुकी है मान्यता

प्रदेश सरकार अब तक 35 मदरसों और अन्य समुदायों के शिक्षण संस्थानों को अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान के रूप में मान्यता दे चुकी है. इनमें से एक जुलाई को नौ संस्थानों और बुधवार को 26 संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र दिए गए. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र सौंपे हैं.