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जरूरतमंदों के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में विधवा-दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान, दो योजनाओं के लिए प्रपोजल की तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने विधवा और दिव्यांग पेंशन 1500 से बढ़ाकर 1875 रुपये कर दी है. अन्य पेंशन योजनाओं में भी बढ़ोतरी के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं और आय सीमा बढ़ाने की योजना है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
जरूरतमंदों के लिए खुशखबरी, उत्तराखंड में विधवा-दिव्यांग पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान, दो योजनाओं के लिए प्रपोजल की तैयारी
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. राज्य के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने पेंशन योजनाओं में बढ़ोतरी और अन्य सुधारों को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. विधानसभा स्थित सभागार में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

बैठक में सबसे अहम फैसला विधवा और दिव्यांग पेंशन को लेकर लिया गया. मंत्री ने बताया कि इन दोनों पेंशन योजनाओं की राशि 1500 रुपये से बढ़ाकर 1875 रुपये कर दी गई है. इस बढ़ोतरी से राज्य के हजारों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा. सरकार का उद्देश्य कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उनकी जीवन स्थितियों में सुधार लाना है.

पेंशन योजनाओं में क्या होता है बदलाव?

इसके अलावा मंत्री ने अन्य पेंशन योजनाओं में भी बदलाव के संकेत दिए. बौना पेंशन और तीलू रौतेली पेंशन को 1200 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं दिव्यांग भरण पोषण अनुदान को 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये करने की योजना पर भी काम शुरू करने को कहा गया है. इन प्रस्तावों के तैयार होने के बाद सरकार इन्हें मंजूरी के लिए आगे बढ़ाएगी.

अधिकारियों को क्या दिए निर्देश?

छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर भी मंत्री ने सख्त रुख अपनाया. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रवृत्ति वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. उन्होंने सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र छात्रों को समय पर और सही लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि किसी भी योग्य छात्र को योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए.

बैठक में आय सीमा को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव सामने आया. मंत्री ने पेंशन और अन्य योजनाओं के लिए आय सीमा को 4000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपये करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए. इससे अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की संभावना है.

मसूरी के गर्ल्स इंटर कॉलेज छात्रावास का कब से शुरू होगा संचालन?

इसके साथ ही मसूरी के गर्ल्स इंटर कॉलेज छात्रावास के पुनर्निर्माण को लेकर भी निर्देश दिए गए. मंत्री ने कहा कि यह कार्य तीन महीने में पूरा किया जाए और सितंबर 2026 तक छात्रावास का संचालन शुरू कर दिया जाए. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सभी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने के लिए कहा.

सरकार के इन फैसलों से साफ है कि राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. अब देखना होगा कि इन प्रस्तावों को कब तक अंतिम मंजूरी मिलती है और इसका लाभ लोगों तक कितनी तेजी से पहुंचता है.