2027 चुनाव से पहले एक्शन में सीएम धामी, 3000 कमजोर बूथों पर भाजपा का बड़ा प्लान
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में भाजपा ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंडल अध्यक्षों से संवाद कर जमीनी फीडबैक लेंगे और कमजोर बूथों पर विशेष फोकस करेंगे.
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मंडल अध्यक्षों से संवाद कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे. पार्टी का मानना है कि चुनावी सफलता की सबसे मजबूत नींव बूथ स्तर पर तैयार होती है. इसी सोच के तहत हर विधानसभा क्षेत्र का जमीनी फीडबैक लिया जाएगा, ताकि समय रहते कमियों को दूर कर संगठन को और मजबूत बनाया जा सके.
मंडल अध्यक्षों से करेंगे सीधा संवाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेशभर के मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति जानेंगे. इस दौरान स्थानीय मुद्दों, जनता की अपेक्षाओं और संगठन की सक्रियता पर विस्तार से चर्चा होगी. मंडल अध्यक्ष अपने क्षेत्रों का रिपोर्ट कार्ड भी प्रस्तुत करेंगे और सुधार के सुझाव साझा करेंगे.
कमजोर बूथों पर रहेगा विशेष फोकस
भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनाव के बाद ऐसे करीब 3000 बूथों की पहचान की थी, जहां पार्टी बढ़त हासिल नहीं कर सकी. अब इन्हीं बूथों को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है. लक्ष्य केवल बूथ जीतना नहीं, बल्कि हर बूथ पर मतों का अंतर बढ़ाकर विधानसभा सीटों में बढ़त सुनिश्चित करना है.
Also Read
हर पहलू का होगा जमीनी आकलन
बैठक में सरकारी योजनाओं के प्रभाव, विपक्ष की सक्रियता, बूथ समितियों की कार्यप्रणाली, पन्ना प्रमुखों की भूमिका, नए मतदाताओं तक पहुंच, सोशल मीडिया नेटवर्क तथा युवा और महिला मोर्चा की सक्रियता पर भी चर्चा होगी. साथ ही संबंधित विधायकों के प्रदर्शन पर मंडल अध्यक्षों से स्पष्ट फीडबैक लिया जाएगा.
करीबी मुकाबलों वाली सीटों पर नजर
भाजपा उन विधानसभा क्षेत्रों का भी विश्लेषण करेगी, जहां पिछली बार जीत और हार का अंतर बेहद कम रहा था. ऐसे क्षेत्रों में चुनावी रणनीति को और प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय संगठन की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पार्टी का उद्देश्य छोटे अंतर को बड़े जनसमर्थन में बदलना है.
संगठन को और मजबूत बनाने की तैयारी
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. मंडल अध्यक्षों से मिलने वाला फीडबैक भविष्य की रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा. भाजपा संगठन चुनाव से पहले हर स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर प्रदेश में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है.