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रेप की झूठी साजिश बेनकाब, उत्तराखंड पुलिस ने रची फेक कहानी, जानें कैसे बनाया फर्जी केस, कौन था निशाना?

देहरादून पॉक्सो अदालत में उत्तराखंड पुलिस की झूठी कहानी बेनकाब हो गई है. इस कारण अब पोक्सो अदालत में उत्तराखंड पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अदालत ने नाबालिग के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार किए गए गाजी अब्बास को सबूतों के अभाव के कारण अदालत ने निर्दोष करार दिया है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
रेप की झूठी साजिश बेनकाब, उत्तराखंड पुलिस ने रची फेक कहानी, जानें कैसे बनाया फर्जी केस, कौन था निशाना?
Courtesy: Pinterest

देहरादून: देहरादून से एक हैरान करने वाला मामला सामना आ रहा है, जिसमें देहरादून पॉक्सो अदालत में उत्तराखंड पुलिस की झूठी कहानी बेनकाब हो गई है. इस कारण अब पोक्सो अदालत में उत्तराखंड पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

अदालत ने नाबालिग के साथ रेप के आरोप में गिरफ्तार किए गए गाजी अब्बास को सबूतों के अभाव के कारण अदालत ने निर्दोष करार दिया है. साथ ही पुलिस की जांच भी अब सवालों के घेरे में है. 

देहरादून पॉक्सो अदालत ने आरोपी को बताया निर्दोष 

बता दें सोमवार को देहरादून पोक्सो अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई थी. अदालत ने आरोपी गाजी अब्बास को निर्दोष करार दिया है.

दरअसल पुलिस के पास अब्बास के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे. साथ ही पीड़िता और उसकी माता ने भी पुलिस की बात से सहमत नहीं थी, जिस कारण अब उत्तराखंड पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. 

जानिए क्या है पूरा मामला

दरअसल मामला रायपुर थाना का है, . जहां पर 29 अक्तूबर   2024 को रायपुर थाने में केस दर्ज कराया गया. 29 अक्तूबर को पीड़िता की मां ने पीड़िता के लापता होने की शिकायत दर्ज की.

पुलिस ने जांच शुरु की. जांच में पुलिस ने बताया कि 14 वर्षीय किशोरी भगत सिंह कॉलोनी में गाजी अब्बास के कमरे से मिली. पूरी तफ्तीश के बाद पुलिस ने चार्जशीट दी. जिसमें यह दावा किया गया था कि अब्बास ने पीड़िता को जान से मारने की भी धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था.

पीड़िता और मां ने किया खुलासा

अब जब मामले की सुनवाई हुई तो पीड़िता और उसकी मां पुलिस की किसी भी बात से सहमत नहीं थी. मां ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था और पुलिस ने उन से एक कोरे कागज पर साइन करवाया था.

उन्हें नहीं पता था कि इसमें क्या लिखा है.  मां ने आगे कहा कि उनकी बेटी अपनी सहेली के यहां पढ़ने गई थी और वहीं से ही उसे आने में देर हो गई थी. मां के अनुसार उनकी गाजी अब्बास के साथ कोई भी दोस्ती नहीं है. 

पुलिस की जांच पर उठ रहे सवाल 

मामले की सच्चाई खुलने के बाद से अब पुलिस की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. पिछले कुछ समय से पॉक्सो और दुष्कर्म के मामले में पुलिस की जांच में लगातार गड़बड़ी देखने को मिल रही है. हाल के कई मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें आरोपी को बरी कर दिया गया है.