उत्तराखंड बना देश का ऐसा पहला राज्य, जहां मरीजों को डाक से मुफ्त में हर 15 दिन पर पहुंचेगी घर तक मेडिसिन

उत्तराखंड सरकार सभी 95 ब्लॉकों में आधुनिक स्वास्थ्य शिविर लगाएगी. मरीजों की जांच, इलाज और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के साथ उन्हें हर 15 दिन में डाक के जरिए मुफ्त एडवांस दवा घर तक पहुंचाई जाएगी.

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Km Jaya

देहरादून: उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में एक नई और अनोखी पहल करने जा रही है. राज्य सरकार ने फैसला किया है कि अब मरीजों को नियमित रूप से मुफ्त दवाएं डाक के जरिए उनके घर तक पहुंचाई जाएंगी. इस सुविधा के साथ उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां मरीजों को घर बैठे डाक से एडवांस दवा उपलब्ध कराई जाएगी. इस योजना का उद्देश्य मरीजों को बार-बार अस्पताल जाने की परेशानी से राहत देना और इलाज को आसान बनाना है.

सरकार की योजना के तहत राज्य के सभी 95 ब्लॉकों में तीन दिवसीय आधुनिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों में लोगों को एक ही स्थान पर जांच, इलाज और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिलेगी. मरीजों को जरूरी दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. जिन मरीजों को लंबे समय तक दवा की जरूरत होगी, उन्हें आगे की दवा डाक के माध्यम से उनके घर भेजी जाएगी.

स्वास्थ्य विभाग ने क्या बताया?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रत्येक 15 दिन में मरीजों के घर एडवांस दवा पहुंचाई जाएगी. इसके लिए डाक विभाग के साथ करार करने की प्रक्रिया चल रही है. योजना का पहला स्वास्थ्य शिविर 4 जुलाई से शुरू किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिल सकें.


किसके प्रयासों से हो रहा शुरू?

यह पहल स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय के प्रयासों से शुरू की जा रही है. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस किया जाएगा. यहां ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन, सीबीसी, थायराइड, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट, कोलेस्ट्रॉल जांच सहित कई जरूरी पैथोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा एक्स रे, ईसीजी, ब्लड प्रेशर, आंखों की जांच और हड्डियों से जुड़ी जांच भी की जाएगी.

शिविरों में हृदय रोग, महिला रोग, बाल रोग, त्वचा रोग, हड्डी रोग और नेत्र रोग सहित कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहेंगे. इससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और एक ही स्थान पर सभी जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.

क्या होगी प्रक्रिया?

स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक मरीज का आधार कार्ड, नाम, पता, बीमारी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करेगा. इसके आधार पर मरीजों का वर्गीकरण किया जाएगा ताकि उनकी बीमारी के अनुसार नियमित निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया जा सके.

स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडेय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि मरीजों को घर बैठे नियमित दवा उपलब्ध कराने की यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में बड़ा बदलाव साबित होगी और उत्तराखंड इस तरह की सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा.