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देहरादून में यूपीसीएल की सख्ती, कम लोड पर ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना और कनेक्शन कटने का खतरा

देहरादून में बिजली विभाग यूपीसीएल ने उन उपभोक्ताओं पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है जो मंजूर लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं. विभाग ने अब तक 2500 से अधिक लोगों को नोटिस भेज दिए हैं.

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देहरादून: देहरादून में बिजली विभाग यूपीसीएल ने उन उपभोक्ताओं पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है जो मंजूर लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं. विभाग ने अब तक 2500 से अधिक लोगों को नोटिस भेज दिए हैं. नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि लोड नहीं बढ़ाने पर जुर्माना लगेगा और बिजली कनेक्शन भी काटा जा सकता है.

देहरादून में यूपीसीएल की सख्ती

शहर में कई घर ऐसे हैं जहां सालों पुराना कम क्षमता वाला कनेक्शन अभी भी चल रहा है, लेकिन घर का विस्तार हो चुका है और बिजली के उपकरण काफी बढ़ गए हैं. चुक्खु मोहल्ला निवासी जितेन्द्र जैन इसका एक उदाहरण हैं. उनके करीब 80 साल पुराने पुश्तैनी मकान में पहले सिर्फ एक किलोवाट का कनेक्शन था. समय के साथ घर बड़ा हुआ और एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे कई उपकरण लग गए, लेकिन लोड नहीं बढ़ाया गया. अब उन्हें यूपीसीएल से लोड बढ़ाने का नोटिस मिला है.

लोड नहीं बढ़ाने वालों पर जुर्माना

विभाग के अनुसार सैकड़ों उपभोक्ता लगातार तीन बिलिंग चक्रों में निर्धारित क्षमता से ज्यादा लोड इस्तेमाल कर रहे हैं. इन्हीं की पहचान कर कार्रवाई शुरू की गई है.


लोड क्यों बढ़ रहा है?

पहले घरों में बिजली के उपकरण सीमित होते थे. अब एयर कंडीशनर, फ्रिज, माइक्रोवेव, इंडक्शन कुकटॉप, गीजर और इलेक्ट्रिक वाहन आम हो गए हैं. कई घरों में एक से ज्यादा एसी एक साथ चलते हैं. ऐसे में पुराना कम लोड पर्याप्त नहीं रहता. विशेषज्ञ बताते हैं कि समय पर लोड बढ़वाने से जुर्माने से बचा जा सकता है और बिजली व्यवस्था भी संतुलित रहती है. जरूरत के अनुसार लोड कितना रखना है, इसकी जानकारी के लिए अपने इलाके के एसडीओ से संपर्क किया जा सकता है.

दक्षिण जोन के कार्यकारी अभियंता मनोज अग्रवाल के अनुसार लोड न बढ़ाने पर डबल फिक्स चार्ज वसूला जाता है, जिससे बिल काफी बढ़ जाता है. केंद्रीय डिवीजन के ईई गौरव सकलानी ने बताया कि उनके क्षेत्र में अब तक 980 नोटिस जारी हो चुके हैं. उत्तर डिवीजन के ईई एसडीएस बिष्ट ने उपभोक्ताओं से कहा कि वे बिल में दिए गए मंजूर लोड और अपनी खपत को नियमित रूप से जांचें.