UCC पर धामी का बड़ा बयान! बोले- कई मुस्लिम देशों में भी लागू, उत्तराखंड में सबको बराबर अधिकार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों के लोग शांतिपूर्वक साथ रहते हैं. उन्होंने यूसीसी का बचाव करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं है.

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Kuldeep Sharma

देहरादून: अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र देने के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समानता और शिक्षा को लेकर सरकार की नीति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सभी समुदायों को समान अवसर मिल रहे हैं. इसी दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा.

सभी समुदायों को समान अवसर देने का दावा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में अलग-अलग धर्म और जातियों के लोग लंबे समय से मिलजुलकर रहते आए हैं. सरकार की नीति किसी समुदाय को अलग करके देखने की नहीं, बल्कि पात्र लोगों तक योजनाओं का समान लाभ पहुंचाने की है. उन्होंने कहा कि राशन, गैस, गरीबी उन्मूलन और ऋण जैसी सरकारी योजनाओं में लाभार्थियों का चयन धर्म या जाति के आधार पर नहीं किया जा रहा. धामी ने यह भी कहा कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई नियमों के अनुसार हुई है और किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान करने का उद्देश्य नहीं रहा.

यूसीसी पर धामी ने रखा सरकार का पक्ष

समान नागरिक संहिता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं लाया गया है. उन्होंने दावा किया कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी समान कानूनी व्यवस्था जैसी व्यवस्था मौजूद है. धामी ने तर्क दिया कि यदि ऐसी व्यवस्था पूरी तरह गलत होती, तो इन देशों में इसे अपनाया नहीं जाता.


उन्होंने यूसीसी को समानता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों और जिम्मेदारियों के लिए एक समान व्यवस्था तैयार करना है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है.

शिक्षा में आधुनिक तकनीक पर जोर

कार्यक्रम में धामी ने शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार बताया. उन्होंने 26 अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी प्रदान किए. मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन बदलते समय के साथ शिक्षा में भी नए बदलाव जरूरी हैं.

बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की जरूरत है. सरकार चाहती है कि प्रदेश के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल कर वैज्ञानिक, डॉक्टर और इंजीनियर बनने की दिशा में आगे बढ़ें. उन्होंने अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की भूमिका को भी इसी व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा.

सरकार और समाज के बीच भरोसे पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से जुड़े लोगों की समाज में बड़ी जिम्मेदारी है और उन्हें सरकार तथा जनता के बीच भरोसा मजबूत करने में भूमिका निभानी चाहिए. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में किसी तरह की कटुता नहीं है और यह माहौल सरकार के कामकाज में भी दिखाई देना चाहिए.

धामी ने आंदोलन करने वाले युवाओं को भी अपना बताते हुए कहा कि सरकार उनसे संवाद और सहयोग की भावना रखती है. उन्होंने दोहराया कि जो लोग व्यवस्था में सहयोग करेंगे, सरकार भी उनके साथ खड़ी रहेगी. मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश को ऐसा उदाहरण बनना चाहिए, जहां विकास के साथ सामाजिक सौहार्द और समान अवसर भी कायम रहें.