चिकन लवर्स के लिए बुरी खबर, 3 और 4 सितंबर को बंद रहेंगी मीट की दुकानें; ये है वजह

बेंगलुरु में चिकन वेस्ट पर 5 रुपये प्रति किलो चार्ज के विरोध में 3 और 4 सितंबर को 7,000 चिकन दुकानें बंद रहेंगी. व्यापारी फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन करेंगे.

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Sagar Bhardwaj

बेंगलुरु में 3 और 4 सितंबर 2026 को चिकन की आपूर्ति प्रभावित रहेगी. सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन द्वारा लगाए गए नए शुल्कों के विरोध में शहर के पोल्ट्री कारोबारियों ने दो दिवसीय आंदोलन का आह्वान किया है. इस दौरान दुकानों को पूरी तरह से बंद रखने का निर्णय लिया गया है.

3 और 4 सितंबर का विरोध प्रदर्शन

योजना के अनुसार, 3 सितंबर को पोल्ट्री व्यापारी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में एकत्र होकर धरना देंगे. इसके बाद 4 सितंबर को शहर की लगभग 6,000 से 7,000 चिकन दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी. कारोबारियों का कहना है कि नए नियमों से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा.

वेस्ट प्रोसेसिंग चार्ज का विरोध

विवाद की मुख्य वजह बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कॉरपोरेशन द्वारा चिकन वेस्ट हटाने के लिए लगाया गया 5 रुपये प्रति किलो का नया शुल्क है. दुकानदारों का तर्क है कि दुकान का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों के वेतन के बीच यह अतिरिक्त शुल्क उनके बजट और मुनाफे को पूरी तरह बिगाड़ देगा.


प्रतिदिन 3 लाख किलो वेस्ट

पोल्ट्री एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, बेंगलुरु में रोजाना लगभग 7 लाख किलो चिकन की बिक्री होती है, जिससे करीब 2 से 3 लाख किलो कचरा निकलता है. इतने बड़े पैमाने पर प्रति किलो 5 रुपये चार्ज देना विक्रेताओं के लिए एक भारी वित्तीय बोझ बन गया है, जिसे वापस लेने की मांग की जा रही है.