THDC टनल हादसा: श्रमिकों और परिवारों के साथ खड़ी धामी सरकार, राहत-बचाव के बीच मदद का भरोसा
उत्तराखंड सरकार ने THDC टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड सरकार THDC की निर्माणाधीन टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों की मदद में जुटी है. सरकार का कहना है कि राहत और बचाव अभियान के साथ प्रभावित लोगों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है. अधिकारियों को आवश्यक सहायता और प्रभावित परिवारों से लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
श्रमिक प्रतिनिधिमंडल से मिले मंत्री
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने हाट-सियासैण, मायापुर क्षेत्र में श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. यह प्रतिनिधिमंडल हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड और विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना, पीपलकोटी से जुड़े श्रमिकों का था. बैठक में हादसे के बाद श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने पैदा हुई परिस्थितियों तथा उनकी प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
आर्थिक मदद की मांग
श्रमिक प्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों के लिए उचित आर्थिक सहायता की मांग रखी. इसके साथ ही उन्होंने ऐसी व्यवस्था की जरूरत बताई जिससे हादसे से प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक आजीविका का सहारा मिल सके. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि दुर्घटना का असर केवल तत्काल राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवारों के सामने भविष्य को लेकर भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.
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घायलों के मुफ्त इलाज की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने हादसे में घायल श्रमिकों के लिए आर्थिक सहायता के साथ निशुल्क उपचार की मांग भी उठाई. श्रमिकों ने दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि हादसे के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुनने का भरोसा दिया.
‘श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता’
मदन कौशिक ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और उनके हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि हादसे से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे. मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से श्रमिकों की ओर से उठाए गए मुद्दों और मौके पर उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली.
घायलों के इलाज पर विशेष जोर
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत-बचाव अभियान के साथ घायलों के उपचार में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उनकी जरूरतों को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया. सरकार का कहना है कि बचाव कार्य के समानांतर मानवीय सहायता और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर भी लगातार काम किया जा रहा है.
लंबी राहत व्यवस्था पर नजर
सरकार की ओर से प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों की तत्काल जरूरतों के साथ दीर्घकालिक सहायता की मांगों पर भी विचार किया जा रहा है. प्रशासनिक स्तर पर राहत, इलाज और परिवारों के साथ समन्वय को प्राथमिकता देने की बात कही गई है. धामी सरकार ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.