देहरादून के प्रसिद्ध टपकेश्वर महादेव मंदिर में रविवार तड़के बड़ा हादसा टल गया. मंदिर के मुख्य गेट के पास पुराने आम के पेड़ का एक हिस्सा अचानक सड़क पर आ गिरा. इसकी चपेट में आने से दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. घटना के बाद बिजली और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई.
घटना रविवार तड़के करीब तीन बजे की बताई जा रही है. टपकेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य गेट के नजदीक मौजूद पुराने आम के पेड़ का बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे आ गया. उस समय सड़क पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिससे किसी व्यक्ति के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं है.
हालांकि, पेड़ के गिरने से एक स्कूली वाहन समेत दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. सुबह लोगों को घटना की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दी. इसके बाद संबंधित टीमों ने पेड़ के गिरे हुए हिस्से को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात को सामान्य किया जा सका.
पेड़ का हिस्सा गिरने के कारण इलाके में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई. स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर तक बिजली व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी. सड़क पर पेड़ और उसकी शाखाएं गिरे होने से कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा.
बाद में पेड़ का हिस्सा हटाए जाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई. मंदिर क्षेत्र में सावन के अंतिम सोमवार और 26 अगस्त को प्रस्तावित शोभायात्रा को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था ठीक करने और पेड़ के बचे हिस्से को भी हटाने की मांग की. देर शाम तक बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर दिए जाने की जानकारी सामने आई.
टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास से गुजरने वाली तमसा नदी में भी रविवार सुबह पानी का स्तर अचानक बढ़ गया. जलस्तर बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए संतोषी माता मंदिर का संपर्क प्रभावित हुआ. हालांकि, दिन बढ़ने के साथ नदी का पानी कम होने लगा और स्थिति सामान्य हुई.
बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए मंदिर क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई. माता वैष्णो देवी गुफा योग मंदिर टपकेश्वर के संस्थापक योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी ने श्रद्धालुओं से नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की. उन्होंने लोगों से मौसम और जलस्तर की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा.
टपकेश्वर महादेव मंदिर देहरादून के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास पेड़ गिरने और तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा है. खासतौर पर 26 अगस्त को प्रस्तावित शोभायात्रा को देखते हुए रास्ते से पेड़ के बचे हिस्से हटाना और बिजली व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू रखना महत्वपूर्ण है.
राहत की बात यह रही कि पेड़ का हिस्सा रात में गिरा, जब वहां लोगों की आवाजाही अपेक्षाकृत कम थी. दिन के समय ऐसी घटना होने पर स्थिति गंभीर हो सकती थी. फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों के सामने मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना प्रमुख चुनौती है.