हरिद्वार कांवड़ मेले के लिए विशेष यातायात योजना तैयार, पिछले अनुभवों से सीखकर बनाया प्लान
पिछले महीने पूर्णिमा और सोमवती अमावस्या स्नान के दौरान हरिद्वार में भारी भीड़ उमड़ी थी. मुख्य सड़कों, हाईवे और गंगा घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं. कई जगहों पर जाम कई घंटों तक जमा रहा. स्थानीय नागरिकों को अपने घर पहुंचने में मुश्किल हुई और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी समय पर नहीं पहुंच पाईं.
हरिद्वार: इस वर्ष कांवड़ मेले में पांच करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने वाले हैं. इतनी बड़ी संख्या में कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए हरिद्वार पुलिस ने विशेष यातायात व्यवस्था बनाने का काम शुरू कर दिया है. पुलिस का मकसद है कि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो और स्थानीय लोगों को भी अनावश्यक जाम का सामना न करना पड़े.
पिछले महीने पूर्णिमा और सोमवती अमावस्या स्नान के दौरान हरिद्वार में भारी भीड़ उमड़ी थी. मुख्य सड़कों, हाईवे और गंगा घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं. कई जगहों पर जाम कई घंटों तक जमा रहा. स्थानीय नागरिकों को अपने घर पहुंचने में मुश्किल हुई और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी समय पर नहीं पहुंच पाईं. इन सारी समस्याओं का पुलिस ने गहराई से विश्लेषण किया है.
नए प्लान की खास बातें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर यातायात प्लान को और ज्यादा व्यावहारिक बनाया जा रहा है. इसमें वन-वे व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने, चरणबद्ध डायवर्जन (मार्ग बदलाव) और अस्थायी पार्किंग स्थलों की संख्या बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. हाईवे से लेकर शहर के अंदरूनी इलाकों तक यातायात को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग स्तर पर प्लान तैयार किया जा रहा है.
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पुलिस का लक्ष्य है कि कांवड़ियों की आवाजाही सुगम हो. साथ ही स्थानीय लोगों, दुकानदारों और जरूरी सेवाओं को भी कम से कम परेशानी हो. पिछले अनुभवों से सीखते हुए पुलिस अब पहले से ज्यादा पार्किंग जगहें बनाने, बेहतर साइनेज (दिशा सूचक बोर्ड) लगाने और ड्रोन व कैमरों से निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
स्थानीय लोगों की राहत
हरिद्वार के स्थानीय निवासी इस बार उम्मीद जता रहे हैं कि पिछले स्नान पर्वों जैसी स्थिति दोहराई नहीं जाएगी. पुलिस ने कहा है कि कांवड़ मेले के दौरान कुछ मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगाई जा सकती है. छोटे वाहनों के लिए अलग रूट बनाए जाएंगे. पुलिस प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों के साथ बैठकें की हैं. यातायात प्लान को अंतिम रूप देने के बाद इसे आम जनता के साथ साझा भी किया जाएगा ताकि लोग पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बना सकें.