राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय की नो-एंट्री! इस्तीफे पर बड़ा फैसला
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली अहम बैठक सोमवार को अयोध्या में हुई. बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के भविष्य समेत कई प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की गई.
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से कथित चोरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक पर देशभर की निगाहें टिकी रहीं, क्योंकि विवाद के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने इस्तीफे सौंप दिए थे. बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की, जिन्होंने हाल ही में इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की थी.
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय बैठक में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर पहुंचे थे. हालांकि उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश नहीं मिला और वे मंदिर के एक कमरे में बैठे रहे. ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी वहां मौजूद बताए गए. दोनों ने कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था.
महंत नृत्य गोपाल ने संभाली बैठक
बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास कर रहे हैं. पहले ऐसी चर्चा थी कि वे बैठक में शामिल नहीं होंगे, लेकिन बाद में उन्होंने खुद इसकी अगुवाई की. उन्होंने सोमवार को जारी अपने बयान में कहा था कि चढ़ावे की चोरी की खबर से वे बेहद आहत हैं और दोषियों को कठोर दंड मिलना चाहिए.
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ऑनलाइन जुड़े पदेन सदस्य
ट्रस्ट के पदेन सदस्य के. पाराशरण, नृपेंद्र मिश्रा, केंद्र सरकार के प्रतिनिधि प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि संजय प्रसाद बैठक में ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए. ट्रस्ट में कुल 14 सदस्य हैं, जिनमें चार पदेन सदस्य शामिल हैं.
फैसले के लिए जरूरी है विशेष बहुमत
ट्रस्ट के नियमों के अनुसार किसी भी प्रस्ताव को पारित करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों की सहमति जरूरी होती है. पदेन सदस्यों के वोट की गणना नहीं होती. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब प्रभावी सदस्यों की संख्या घट गई है, इसलिए किसी भी निर्णय के लिए छह सदस्यों की सहमति महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी नजरें
सूत्रों का कहना है कि बैठक समाप्त होने के बाद ट्रस्ट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है. इसमें बैठक में हुई चर्चा, संभावित फैसलों और आगे की प्रशासनिक रणनीति की जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है. राम मंदिर से जुड़े इस विवाद पर ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया का सभी को इंतजार है.