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रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश से कई सड़कें बंद, केदारनाथ यात्रा सुचारू; प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता

रुद्रप्रयाग जिले में सोमवार सुबह से हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है. ऊखीमठ में सबसे अधिक 77 मिमी वर्षा दर्ज की गई है. हालांकि सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है. कई सड़कें बाधित होने के बावजूद केदारनाथ यात्रा सामान्य रूप से जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.

ANI
Shanu Sharma

रुद्रप्रयाग जिले में सोमवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है. हल्की बारिश और कोहरे के कारण जनजीवन पर असर देखने को मिला. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह 8:50 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 77 मिमी वर्षा ऊखीमठ तहसील में दर्ज की गई. इसके अलावा जखोली में 53 मिमी और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में 22 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. 

मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पूरे दिन मौसम नम और ठंडा बना रहा.

नदियों का जलस्तर सामान्य, प्रशासन की लगातार निगरानी

बारिश के बीच राहत की बात यह है कि जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी सामान्य बना हुआ है. सुबह सात बजे तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगानगर और गौरीकुंड क्षेत्र की सभी नदियां चेतावनी स्तर से नीचे बह रही हैं. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी तरह की बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है. इसके बावजूद सभी संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी बदलाव की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं. लगातार हो रही बारिश का असर जिले की सड़क व्यवस्था पर भी पड़ा है. राष्ट्रीय राजमार्ग 107 पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, लेकिन राज्य मार्ग 37 दो स्थानों पर बंद है. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग की दो सड़कें और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आने वाली नौ सड़कें भी अवरुद्ध हैं. 


विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश

बारिश और कुछ मार्गों के बाधित होने के बावजूद श्री केदारनाथ पैदल यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है. जिला प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर तैनात सभी विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कहीं मार्ग अवरुद्ध होता है, दुर्घटना होती है या किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा की स्थिति बनती है, तो उसकी सूचना तुरंत जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी जाए ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके. प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है.