कांवड़ यात्रा के लिए उत्तराखंड में सुरक्षा का अभेद्य घेरा, 18 सुपर जोन में 370 सीसीटीवी और 3753 पुलिसकर्मी तैनात
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया है. यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल, ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरे, केंद्रीय सुरक्षा बल और विशेष दस्तों की तैनाती के साथ तकनीक आधारित निगरानी पर विशेष जोर दिया गया है.
उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं. हर वर्ष लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था का दायरा और बढ़ा दिया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक यात्रा मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों, संवेदनशील इलाकों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है. इसके साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और आधुनिक निगरानी प्रणाली के जरिए पूरे यात्रा क्षेत्र पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी.
पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ाए गए सुरक्षा जोन
इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 18 सुपर जोन बनाए गए हैं. इससे पहले वर्ष 2024 में 13 और वर्ष 2025 में 16 सुपर जोन बनाए गए थे. इसी तरह जोन की संख्या 37 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है, जबकि सेक्टरों की संख्या 134 से बढ़ाकर 141 कर दी गई है. यात्रा मार्ग की निगरानी को और मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या भी बढ़ाई गई है. वर्ष 2025 में जहां 336 कैमरे लगाए गए थे, वहीं इस बार 370 कैमरों के जरिए पूरे मार्ग पर नजर रखी जाएगी.
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3753 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी संभालेंगे जिम्मेदारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या पहले से अधिक रहने का अनुमान है. इसी को ध्यान में रखते हुए कांस्टेबल से लेकर अपर पुलिस अधीक्षक स्तर तक कुल 3753 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की तैनाती की गई है. तुलना करें तो वर्ष 2024 में यह संख्या 2444 थी, जबकि वर्ष 2025 में 3256 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए थे. इस बार केवल पुलिस बल ही नहीं, बल्कि केंद्रीय सुरक्षा बल और विशेष सुरक्षा इकाइयों की संख्या भी बढ़ाई गई है.
पीएसी और आईआरबी की कंपनियों की संख्या 15 से बढ़ाकर 17 कर दी गई है. केंद्रीय सुरक्षा बल की कंपनियां 11 से बढ़ाकर 18 की गई हैं. इसके अलावा बम निरोधक दस्ते की टीमें सात से बढ़ाकर आठ, स्वान दल सात से बढ़ाकर आठ और आतंकवाद विरोधी दस्ते की संख्या दो से बढ़ाकर चार कर दी गई है. अग्निशमन वाहनों की संख्या 24 से बढ़ाकर 27 और ड्रोन की संख्या 22 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.