पीएम मोदी का देहरादून दौरा 14 अप्रैल को, राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटक तीन दिन नहीं ले पाएंगे जंगल सफारी का मजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. इस दौरान सुरक्षा कारणों से राजाजी टाइगर रिजर्व में तीन दिन जंगल सफारी बंद रहेगी.
देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को देहरादून दौरे पर आने वाले हैं, जहां वे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे. इस अहम कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इसी के तहत राजाजी टाइगर रिजर्व की चिल्लावाली रेंज में जंगल सफारी को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है.
राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन के अनुसार पर्यटक जोन रविवार से लेकर 14 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेगा. इस फैसले का मकसद प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी इस दौरान सहयोग के लिए पर्यटक गतिविधियों को रोकने का अनुरोध किया था.
क्या है इसकी खासियत?
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व और शिवालिक क्षेत्र से होकर गुजरता है. गणेशपुर से डाटकाली तक करीब 13 किलोमीटर लंबा यह हिस्सा एलिवेटेड रोड के रूप में बनाया गया है, जिसे वन्यजीव गलियारा भी कहा जा रहा है.
इस एलिवेटेड रोड का निर्माण खास तौर पर वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है. इसके ऊपर से वाहन गुजरते हैं, जबकि नीचे वन्यजीवों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहती है. इस व्यवस्था से जंगल के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में मदद मिलती है.
कितने प्रजातियों के जानवर हैं मौजूद?
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस गलियारे से 18 से अधिक प्रजातियों के जानवर नियमित रूप से गुजरते हैं. इनमें हाथी, गुलदार और अन्य कई वन्यजीव शामिल हैं. पर्यटक आमतौर पर चिल्लावाली रेंज में सफारी के दौरान इन जानवरों को करीब से देख पाते हैं.
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान यह संभावना भी जताई जा रही है कि वे इस वन्यजीव गलियारे का अवलोकन कर सकते हैं. इस कारण सुरक्षा एजेंसियां कोई जोखिम नहीं लेना चाहती हैं और पूरे इलाके को सुरक्षित घेरा बनाया गया है.
क्या-क्या की गईं हैं व्यवस्थाएं?
एलिवेटेड रोड पर साउंड बैरियर और विशेष लाइटिंग की व्यवस्था भी की गई है, ताकि वाहनों के शोर और रोशनी से वन्यजीवों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े. इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों के बीच संतुलन बना रहे. राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे ने बताया कि सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है और पर्यटकों से सहयोग की अपील की गई है.