पिथौरागढ़ में पेड़ ने रोकी 30 मीटर गहरी खाई में गिरती गाड़ी, 7 लोगों की बची जान

पिथौरागढ़ में तेज रफ्तार बोलेरो सड़क से फिसलकर 30 मीटर गहरी खाई की ओर चली गई, लेकिन रास्ते में पेड़ से अटक गई.

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Ashutosh Rai

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मंगलवार को बड़ा सड़क हादसा टल गया. थल-पिथौरागढ़ मार्ग पर बिछुल के पास एक बोलेरो अचानक बेकाबू होकर खाई की तरफ जाने लगी. वाहन करीब 30 मीटर नीचे जाने ही वाला था कि एक पेड़ में फंसकर रुक गया. हादसे में सभी सात यात्री घायल हुए.

पेड़ बना जिंदगी और मौत के बीच ढाल

सुवालेख-भौड़ी के बीच बिछुल के पास हुए हादसे में बोलेरो में चालक समेत सात लोग सवार थे. बताया गया कि वाहन थल से मशीन का सामान लेकर पिथौरागढ़ लौट रहा था. यात्रियों के अनुसार बोलेरो तेज गति में चल रही थी. सड़क के ऊपर एक दूसरा वाहन खड़ा था, जिससे चालक को वाहन संभालने में परेशानी हुई और बोलेरो खाई की तरफ बढ़ गई. इसी दौरान वह पेड़ में अटक गई. वाहन के पेड़ पर रुकने से सभी लोग बच गए, हालांकि सातों को चोटें आईं और तीन की हालत गंभीर बताई गई.

स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों की मदद की और उन्हें निजी वाहनों से पिथौरागढ़ ले जाने की कोशिश की. रास्ते में 108 एंबुलेंस मिलने के बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. थल थाने के प्रभारी प्रकाश पांडे के मुताबिक घायलों में नेपाल के बझांग निवासी दीपक चुनारा, हरीश कुमार और सुरेश भी शामिल हैं. अन्य घायलों में लखतीगांव डीडीहाट के चालक दीपांकर, उनकी मां मधु देवी, भाई निवेश कुमार और मुवानी स्कूल में तैनात संजौता कोहली शामिल हैं.


जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम अलर्ट

हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल में डॉक्टरों को तैयार कर दिया गया. प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए सर्जन, ईएनटी सर्जन समेत दूसरे डॉक्टरों को लगाया गया. सभी का उपचार जारी है और फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई जा रही है. हादसे में पेड़ सात लोगों के लिए सुरक्षा दीवार जैसा साबित हुआ. अगर बोलेरो सीधे खाई में चली जाती तो नुकसान काफी ज्यादा हो सकता था. पेड़ में वाहन फंसने से बड़ा हादसा टल गया.