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उत्तराखंड में नीम करौली बाबा के नाम पर बनेगा नया सर्किट, यूपी के इन जगहों को भी किया जाएगा शामिल

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने डालनवाला स्थित अपने आवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कैंची धाम इस पूरे सर्किट का मुख्य केंद्र बनेगा. इसके अलावा काकड़ीघाट, नैनीताल का हनुमान मंदिर और ऋषिकेश का हनुमान मंदिर भी इसमें शामिल होंगे.

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देहरादून: उत्तराखंड सरकार बाबा नीम करौरी महाराज से जुड़े स्थानों को एक खास पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने जा रही है. पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में यह महत्वपूर्ण जानकारी दी.

उत्तराखंड में नीम करौली बाबा के नाम पर बनेगा नया सर्किट

उन्होंने बताया कि इस सर्किट में सिर्फ उत्तराखंड के स्थल ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बाबा नीम करौरी महाराज से संबंधित जगहों को भी शामिल किया जाएगा. इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह किया गया है. साथ ही प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को पत्र भी भेजा जा चुका है. दोनों राज्य मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाएंगे.

यूपी के इन जगहों को भी किया जाएगा शामिल

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने डालनवाला स्थित अपने आवास पर मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि कैंची धाम इस पूरे सर्किट का मुख्य केंद्र बनेगा. इसके अलावा काकड़ीघाट, नैनीताल का हनुमान मंदिर और ऋषिकेश का हनुमान मंदिर भी इसमें शामिल होंगे. बाबा नीम करौरी महाराज जहां-जहां गए और साधना की, उन सभी स्थानों को इस सर्किट से जोड़ा जाएगा. पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ऐसे स्थलों की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दे दिए गए हैं.


उत्तर प्रदेश के मथुरा में बाबा की समाधि स्थित है. वहां कई अन्य जगहें भी बाबा से जुड़ी हुई हैं. इन सबको उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से सर्किट का हिस्सा बनाया जाएगा. इससे श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से इन पवित्र स्थानों का दर्शन कर सकेंगे.

सतपाल महाराज ने एक और दिलचस्प बात कही. उन्होंने बताया कि बाबा नीम करौरी महाराज की तरह महावतार बाबा, हेड़ाखान बाबा, टाट बाबा और लहरी महाशय जैसे अन्य संतों पर भी फिल्में बननी चाहिए. इस बारे में वह बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशकों से बात करेंगे. इन फिल्मों से आम लोगों को इन महान संतों के जीवन और शिक्षाओं के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी.

यह पहल पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ आध्यात्मिक विरासत को भी सहेजने का काम करेगी. दोनों राज्यों के सहयोग से नीम करौरी बाबा सर्किट श्रद्धालुओं के लिए एक आकर्षक यात्रा मार्ग बन सकता है. लोग एक साथ कई महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन कर सकेंगे और बाबा की साधना स्थली को करीब से जान पाएंगे.