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उत्तराखंड में H1N1 का बढ़ा खतरा, 25 नए केस से आंकड़ा पहुंचा 408; डोर-टू-डोर सर्वे करा रही सरकार

उत्तराखंड में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के 25 नए मामले सामने आने के बाद कुल मरीजों की संख्या 408 हो गई है. इनमें से 324 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हुई है.

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Km Jaya

उत्तराखंड में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. गुरुवार को 115 सैंपलों की जांच में 25 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई. इनमें 11 मरीज देहरादून के और 14 मरीज अन्य क्षेत्रों के हैं. नए मामलों के सामने आने के बाद प्रदेश में स्वाइन फ्लू के कुल मामले बढ़कर 408 हो गए हैं.

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक सामने आए 408 मरीजों में से 324 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. स्वाइन फ्लू से अब तक दो मरीजों की मौत हुई है. स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमण की स्थिति पर नजर रख रहा है और प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा रही है.

डेंगू के भी 5 नए मामले

उत्तराखंड में डेंगू के मामलों पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर है. गुरुवार को 648 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई. इनमें दो मरीज देहरादून और तीन अन्य क्षेत्रों के हैं. अब तक जिले में डेंगू के कुल 150 मरीज सामने आ चुके हैं. इनमें 128 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. राहत की बात यह है कि डेंगू से अब तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है.


घरों तक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को 11,872 घरों का डोर-टू-डोर सर्वे कराया. आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई. डेंगू और दूसरी मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में सोर्स रिडक्शन अभियान चलाया जा रहा है.

इसके तहत मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा रहा है. इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के साथ फॉगिंग भी कराई जा रही है. नगर निगम की ओर से भी शहर में लार्वीसाइड का छिड़काव किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपने आसपास सफाई रखने और मच्छरों की उत्पत्ति वाले स्थानों को खत्म करने की अपील की है.

H1N1 से बचने के लिए क्या करें?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, खांसी, बुखार या सांस से जुड़ी समस्या होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना जरूरी है. हाथों की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए. अगर H1N1 जैसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए.

बुजुर्गों, बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. बुखार, खांसी और सांस संबंधी लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से स्थिति को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है.