Namo Bharat Train: अब दिल्ली से सिर्फ ढाई घंटे में पहुंचेंगे ऋषिकेश! लक्ष्मण झूला का सफर होगा आसान

दिल्ली से ऋषिकेश और लक्ष्मणझूला तक तेज यात्रा का रास्ता खुलने जा रहा है. नमो भारत ट्रेन के प्रस्तावित विस्तार से यात्रियों को कम समय में सफर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

social media
Kuldeep Sharma

उत्तराखंड आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस नेटवर्क को हरिद्वार और ऋषिकेश तक बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. प्रस्तावित योजना के तहत नमो भारत ट्रेन मेरठ से हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला क्षेत्र तक पहुंचेगी. इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से ऋषिकेश की यात्रा पहले की तुलना में काफी कम समय में पूरी हो सकेगी, जिससे लाखों यात्रियों और पर्यटकों को फायदा मिलेगा.

ऋषिकेश तक पहुंचेगी आधुनिक रेल सेवा

देश के सबसे आधुनिक क्षेत्रीय रेल नेटवर्क में शामिल नमो भारत ट्रेन को अब उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है. प्रस्तावित कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर मुजफ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के रास्ते ऋषिकेश तक जाएगा. योजना के अनुसार ट्रेन का अंतिम पड़ाव लक्ष्मणझूला क्षेत्र होगा. इससे न केवल स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि दिल्ली और एनसीआर से आने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बन जाएगी. लंबे समय से इस तरह की तेज रेल सेवा की मांग की जा रही थी.

ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा सफर

वर्तमान में दिल्ली से ऋषिकेश पहुंचने में सड़क मार्ग से लगभग पांच से छह घंटे लग जाते हैं. कई बार ट्रैफिक जाम के कारण यह समय और बढ़ जाता है. नमो भारत ट्रेन के संचालन के बाद यात्रा समय में बड़ी कमी आने की उम्मीद है. यह सेमी हाई-स्पीड ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ सकती है और करीब 230 किलोमीटर की दूरी को तेज गति से तय करेगी. इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और सड़क यातायात पर भी दबाव कम होगा.


पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना को उत्तराखंड में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हरिद्वार और ऋषिकेश देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं. विशेष रूप से सप्ताहांत में बड़ी संख्या में लोग रिवर राफ्टिंग, आध्यात्मिक पर्यटन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं. तेज रेल संपर्क बनने से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है. इसके साथ ही होटल, परिवहन, व्यापार और अन्य स्थानीय क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं. राज्य सरकार ने परियोजना के लिए डीपीआर तैयार कराने की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए हैं.