टनल हादसे के बाद मृतक कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत, मृतकों के आश्रितों को 45 लाख, घायलों को 3.5 लाख का मुआवजा

चमोली जिले में विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के टनल हादसे के बाद मृतक कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है. प्रशासन की मध्यस्थता में हुई बैठक में सहमति बनी है कि मृतकों के आश्रितों को 45 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को साढ़े तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.

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उत्तराखंड: चमोली जिले में विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के टनल हादसे के बाद मृतक कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत मिली है. प्रशासन की मध्यस्थता में हुई बैठक में सहमति बनी है कि मृतकों के आश्रितों को 45 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को साढ़े तीन लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.

मृतक कर्मचारियों के परिवारों को बड़ी राहत

13 अगस्त को हुई इस बैठक की अध्यक्षता उप जिलाधिकारी चमोली राजकुमार पांडे ने की. इसमें टीएचडीसी प्रबंधन, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान फेडरेशन यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए. तीनों पक्षों के बीच लंबी चर्चा के बाद मुआवजे को लेकर समझौता हो गया.

 मृतकों के आश्रितों को 45 लाख

समझौते के मुताबिक हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसमें अनुग्रह राशि भी शामिल है. इसके अलावा परिवार वाले कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का दावा अलग से कर सकेंगे. घायल श्रमिकों को 3.5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी.


इस सहमति के बाद परियोजना का काम दोबारा शुरू हो गया है. बैठक में यूनियन द्वारा पहले दिए गए मांग पत्र पर भी विस्तार से चर्चा हुई. प्रबंधन ने प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। सभी पक्षों ने श्रमिकों के हितों की रक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने और परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया.

बैठक में टीएचडीसी की ओर से अधिशासी निदेशक अजय वर्मा, महाप्रबंधक (ईएम) रविंद्र राणा, अपर महाप्रबंधक विद्युत गृह शंभू प्रसाद डोभाल और वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन एवं प्रशासन वीरेंद्र दत्त भट्ट मौजूद रहे. कंपनी की तरफ से परियोजना प्रबंधक विनोद कुमार, अधिशासी सिविल विनय कुमार उपाध्याय और वरिष्ठ प्रबंधक मानव संसाधन गौतम विश्वास ने भाग लिया.

यह समझौता हादसे से प्रभावित परिवारों के लिए राहत भरा कदम है. प्रशासन और प्रबंधन ने मिलकर श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया है. परियोजना क्षेत्र में अब काम सामान्य रूप से चल रहा है. स्थानीय प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे सहयोग बनाए रखें ताकि भविष्य में कोई दुर्घटना न हो और श्रमिक सुरक्षित महसूस करें.