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हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं को छूकर आशीर्वाद देने पर रोक, जानिए ट्रस्ट ने क्यों लिया ये फैसला

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में पुजारियों द्वारा श्रद्धालुओं के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देने की परंपरा समाप्त कर दी गई है. मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा, पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

हरिद्वार: हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. मंदिर प्रशासन ने पुजारियों के आशीर्वाद देने के तरीके में परिवर्तन करते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब किसी भी श्रद्धालु के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद नहीं दिया जाएगा. मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालु यहां माता रानी का आशीर्वाद लेने आते हैं और इसी भावना को केंद्र में रखकर नई व्यवस्था लागू की गई है. इसके साथ ही सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया है.

मंदिर ट्रस्ट के सचिव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने बताया कि पुजारियों को केवल मौखिक रूप से आशीर्वाद देने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं और वास्तविक आशीर्वाद भी देवी का ही माना जाना चाहिए. इसलिए किसी भी महिला या पुरुष श्रद्धालु को स्पर्श कर आशीर्वाद देने की परंपरा समाप्त की गई है.

शिकायतों के बाद लिया गया निर्णय

महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि मंदिर से जुड़ी कुछ शिकायतों के बाद व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. निरीक्षण के दौरान यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या असहज स्थिति से बचने के लिए नियमों को और स्पष्ट बनाया जाए. उन्होंने कहा कि व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं का विश्वास और सम्मान बनाए रखना है.


सुरक्षा व्यवस्था हुई मजबूत

मंदिर परिसर में सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए 65 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. प्रशासन का मानना है कि आधुनिक निगरानी प्रणाली से श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. विशेष रूप से बड़े धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ के समय यह व्यवस्था अधिक प्रभावी साबित होगी.

प्रसाद और आर्थिक पारदर्शिता पर जोर

मंदिर प्रशासन ने सूखा नारियल प्रसाद के रूप में चढ़ाने पर रोक लगा दी है. साथ ही किसी भी प्रकार के प्रसाद की दोबारा बिक्री की अनुमति नहीं होगी. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यदि कोई धनराशि ली जाती है तो उसकी रसीद अवश्य प्राप्त करें. शिकायत दर्ज कराने के लिए रजिस्टर की भी व्यवस्था की गई है.

कुंभ और भविष्य की तैयारियां

महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि हरिद्वार में होने वाले बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को पहले से मजबूत बनाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मंदिर की गरिमा तथा व्यवस्था दोनों सुरक्षित रहें.