गुरुग्राम में बुलडोजर एक्शन! अवैध PG पर चला हथौड़ा, रातोंरात बेघर हुए दर्जनों किरायेदार
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू किया है. कई संपत्तियां सील की गईं, अवैध पीजी तोड़ा गया और दर्जनों किरायेदारों को अचानक ठिकाना बदलना पड़ा.
गुरुग्राम के प्रतिष्ठित डीएलएफ फेज-3 इलाके में प्रशासन की कार्रवाई ने हलचल मचा दी है. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने आवासीय भवनों के व्यावसायिक इस्तेमाल और भवन नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही इस कार्रवाई में अवैध पीजी, क्लीनिक, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा रहा है. हालिया सर्वे में बड़ी संख्या में नियमों के उल्लंघन सामने आने के बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया है.
सर्वे के बाद शुरू हुई व्यापक कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार डीएलएफ रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की याचिका के बाद पूरे डीएलएफ क्षेत्र में संपत्तियों का विस्तृत सर्वे कराया गया था. करीब 5,100 संपत्तियों की जांच के दौरान केवल डीएलएफ फेज-3 में ही 300 से अधिक मामलों में नियमों के उल्लंघन पाए गए. इसके बाद संबंधित संपत्ति मालिकों को भवनों को मूल स्वीकृत स्वरूप में बहाल करने के आदेश दिए गए. तय समय सीमा पूरी होने के बाद अब सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप चलाया जा रहा है.
क्लीनिक, पीजी और गेस्ट हाउस प्रशासन के निशाने पर
जांच में सामने आया कि कई आवासीय भवनों का उपयोग बिना अनुमति के क्लीनिक, गेस्ट हाउस, पीजी, जिम, ब्यूटी पार्लर और दुकानों के रूप में किया जा रहा था. विभाग ने ऐसे कई प्रतिष्ठानों को सील कर दिया है. अधिकारियों का मानना है कि इन गतिविधियों से इलाके की जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था. इसके अलावा सरकारी भूमि और सार्वजनिक मार्गों पर किए गए अतिक्रमण भी हटाए गए. जेसीबी मशीनों की मदद से अवैध संरचनाओं को तोड़कर रास्तों को खाली कराया गया.
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45 कमरों वाला अवैध पीजी ढहाया गया
अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई अमलतास अपार्टमेंट स्थित एक अवैध पीजी पर हुई. अधिकारियों के अनुसार यह भवन मूल रूप से चार परिवारों के लिए स्वीकृत था, लेकिन इसे 45 कमरों और 45 शौचालयों वाले बड़े आवासीय परिसर में बदल दिया गया था. प्रत्येक मंजिल पर अतिरिक्त कमरे बनाकर क्षमता से कहीं अधिक लोगों को ठहराया जा रहा था. विभाग ने पहले बिजली कनेक्शन काटा और फिर परिसर को सील कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा पैदा करते हैं.
किरायेदारों की बढ़ी मुश्किलें, अभियान रहेगा जारी
कार्रवाई का सबसे बड़ा असर वहां रहने वाले छात्रों, नौकरीपेशा युवाओं और महिला किरायेदारों पर पड़ा. भवन सील होने के बाद कई लोगों को अपना सामान लेकर बाहर निकलना पड़ा. कुछ किरायेदारों ने दावा किया कि उन्हें पहले से किसी नोटिस की जानकारी नहीं थी. वहीं प्रशासन का कहना है कि संपत्ति मालिकों को सभी आवश्यक नोटिस दिए जा चुके थे. अधिकारियों ने साफ किया है कि डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक ऐसे सभी मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी और बिना अनुमति चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे.