हरिद्वार में चरम पर पहुंचा कांवड़ मेला, 3 करोड़ के पार हुआ शिवभक्तों का आंकड़ा

उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा से डाक कांवड़ के हजारों वाहन हरिद्वार पहुंचने के साथ ही कांवड़ मेले में भीड़ चरम पर पहुंच गई है. शनिवार शाम तक 55.40 लाख शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके थे. रविवार को अब तक की सबसे भारी भीड़ उमड़ने का अनुमान है.

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Shanu Sharma

हरिद्वार में श्रावण कांवड़ मेले का अंतिम दौर बेहद व्यस्त हो गया है. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से लगातार डाक कांवड़ के जत्थे पहुंच रहे हैं. शनिवार शाम छह बजे तक 55 लाख 40 हजार कांवड़ यात्री हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके थे. मेले में पहुंचने वाले कुल शिवभक्तों की संख्या अब तीन करोड़ से अधिक हो गई है.

शहर की सबसे बड़ी बैरागी कैंप पार्किंग से लेकर मुख्य मार्गों और राजमार्ग से लगी कॉलोनियों तक डाक कांवड़ के वाहन दिखाई दे रहे हैं. बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री अलग-अलग इलाकों में अस्थायी रूप से डेरा डाले हुए हैं.

यूपी-हरियाणा से पहुंचे हजारों वाहन

शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, शामली, बागपत और सहारनपुर से बड़ी संख्या में डाक कांवड़ वाहन हरिद्वार पहुंचे. हरियाणा के सोनीपत, पानीपत, अंबाला, गुरुग्राम और फरीदाबाद से भी 25 हजार से ज्यादा वाहन मंगलौर और लक्सर होते हुए कनखल स्थित बैरागी कैंप पहुंचे. वहीं दिल्ली और राजस्थान के अलग-अलग जिलों से भी 10 हजार से ज्यादा वाहन हरिद्वार पहुंचे. प्रशासन ने अधिकांश वाहनों को बैरागी कैंप पार्किंग में खड़ा कराया है. हालांकि वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण कई कांवड़ यात्री गांवों के रास्तों से होते हुए शहर के दूसरे इलाकों तक पहुंच रहे हैं.


कॉलोनियों में भी डेरा, पार्किंग भरने का अनुमान

लक्सर से सुभाषगढ़, दीनारपुर, ऐथल, एक्कड़ और सराय होते हुए बड़ी संख्या में डाक कांवड़ वाहन ज्वालापुर पहुंच रहे हैं. ज्वालापुर की सब्जी मंडी, ट्रांसपोर्ट नगर, हरिलोक कॉलोनी और जर्स कंट्री के अलावा जमालपुर, जियापोता, जगजीतपुर और मिस्सरपुर क्षेत्र में भी हजारों कांवड़ यात्री ठहरे हुए हैं. 30 जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले में पहले सप्ताह पैदल कांवड़ यात्रियों की संख्या अधिक रही, लेकिन अब डाक कांवड़ का जोर बढ़ गया है.

तेज गति से आने-जाने वाले वाहनों के कारण पैदल कांवड़ियों की संख्या तुलनात्मक रूप से काफी कम दिखाई दे रही है. शनिवार देर रात तक लगातार पहुंचते डाक कांवड़ वाहनों को देखते हुए रविवार सुबह से दोपहर तक हरिद्वार की प्रमुख पार्किंग के पूरी तरह भर जाने का अनुमान है.