जापान से हरिद्वार पहुंचे सनातन भक्त, अब मिलेगा निरंजनी अखाड़े में सबसे बड़ा आध्यात्मिक सम्मान

हरिद्वार में जापान के छह संतों को जल्द निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया जाएगा. जानिए क्यों टला पट्टाभिषेक समारोह और क्या है इस फैसले का महत्व.

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Reepu Kumari

हरिद्वार में सनातन परंपरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है. जापान से आए श्रद्धालुओं और संतों ने श्री दक्षिण काली मंदिर में पूजा-अर्चना कर निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने जापान से आए प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया. उन्होंने बताया कि जापान के छह संतों को जल्द ही निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से सम्मानित किया जाएगा. साथ ही सभी को अगले वर्ष होने वाले अर्धकुंभ मेले में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया.

सनातन के वैश्विक विस्तार की नई पहल

निरंजन पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि सनातन संस्कृति अब दुनिया के कई देशों में तेजी से फैल रही है. इसी कड़ी में जापान के छह संतों को निरंजनी अखाड़े से जोड़ने का निर्णय लिया गया है. यह पहल भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

इन छह संतों को मिलेगी महामंडलेश्वर की उपाधि

स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के अनुसार, महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी के शिष्य दाईसाकू नारीता, केंता इशियामा, हिरोकी ताकाहाशी, योशिमी मोरिया, मासाकी गोतो और ताकानोबू सोगा को तिलक चादर प्रदान कर महामंडलेश्वर बनाया जाएगा. सभी संत लंबे समय से सनातन परंपरा से जुड़े हुए हैं.


जापान में बढ़ रही सनातन धर्म की स्वीकार्यता

महंत दर्शन भारती ने कहा कि सनातन धर्म का प्रभाव अब विश्वभर में दिखाई दे रहा है. वहीं महामंडलेश्वर स्वामी बालाकुंभ पुरी ने बताया कि जापान में बड़ी संख्या में लोग सनातन परंपरा और भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति को अपना रहे हैं. यह रुझान लगातार मजबूत हो रहा है.

अभी टला पट्टाभिषेक समारोह

निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी महाराज ने जानकारी दी कि चार जुलाई को प्रस्तावित पट्टाभिषेक समारोह फिलहाल स्थगित कर दिया गया है. इसकी वजह अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज का नासिक में होना है. नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी.

अर्धकुंभ में फिर जुटेंगे विदेशी श्रद्धालु

कार्यक्रम के दौरान जापान से आए श्रद्धालुओं का सम्मान किया गया और उन्हें अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ मेले में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया. समारोह में राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहित जापान से आए कई श्रद्धालु भी मौजूद रहे.