हल्द्वानी-काशीपुर में एक ही जमीन की 5 बार रजिस्ट्री, कुमाऊं में 30 जमीन धोखाधड़ी मामलों में FIR की सिफारिश; फौजी भी हुए ठगी का शिकार
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में सामने आए कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. एक ही प्लॉट की कई बार रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है.
जमीन और संपत्ति में निवेश को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में सामने आए कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. एक ही प्लॉट की कई बार रजिस्ट्री कर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर समेत कई क्षेत्रों में सामने आए भूमि फर्जीवाड़े के मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जमीन खरीदते समय सतर्कता बेहद जरूरी है.
हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा जिलों से जुड़े कुल 77 मामलों की समीक्षा की गई. जांच के बाद 30 मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की गई है, जिनमें अल्मोड़ा का एक, ऊधम सिंह नगर के 12 और नैनीताल जिले के 17 मामले शामिल हैं.
एक ही प्लॉट की कई बार रजिस्ट्री का खेल
बैठक में ऐसे कई मामले सामने आए, जहां एक ही जमीन या प्लॉट को कई लोगों के नाम पर बेच दिया गया. हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र में एक प्लॉट की पांच बार रजिस्ट्री कर लोगों को ठगा गया, जबकि काशीपुर में भी एक भूखंड की चार बार रजिस्ट्री होने का मामला सामने आया. इन घटनाओं में आम नागरिकों के साथ-साथ सेना से रिटायर एक जवान भी धोखाधड़ी का शिकार हुआ.
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रुद्रपुर में नजूल भूमि की अवैध बिक्री
रुद्रपुर में भूमाफियाओं द्वारा करीब तीन बीघा नजूल जमीन की प्लॉटिंग कर उसे बेचने का मामला भी समिति के सामने आया. प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए जांच तेज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों की जवाबदेही होगी तय
कुमाऊं आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि एक ही संपत्ति की बार बार रजिस्ट्री जैसी घटनाओं को रोकने के लिए रजिस्ट्रार, सब रजिस्ट्रार और राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. उन्होंने बिना भौतिक सत्यापन के दाखिल खारिज और रिकॉर्ड संशोधन को गंभीर लापरवाही बताते हुए पटवारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए.
जमीन दिलाने के नाम पर ठगी
रानीखेत में दिल्ली के छह लोगों से जमीन दिलाने के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का मामला भी सामने आया. आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन दिखाकर रकम ले ली, लेकिन रजिस्ट्री के समय दूसरी भूमि देने की बात कहकर खरीदारों को गुमराह किया.
फौजी के मकान पर 75 लाख का लोन
बैठक में एक चौंकाने वाला मामला हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र से भी सामने आया. आरोप है कि भूमाफिया और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से एक पूर्व सैनिक के मकान पर 75 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया. परिवार को इसकी जानकारी तब मिली जब लोन चुकाने का नोटिस पहुंचा. फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और मकान नीलामी के खतरे का सामना कर रहा है.