93 साल में पहली बार होने जा रहा ऐसा, IMA से पास आउट होकर सेना में शामिल होंगी बेटियां
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड इस बार ऐतिहासिक होने जा रही है. पहली बार नौ महिला कैडेट प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी बनेंगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस भव्य समारोह की सलामी लेंगी.
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में इस बार की पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं होगी, बल्कि भारतीय सैन्य इतिहास के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक बनेगी. 93 वर्षों के इतिहास में पहली बार महिला कैडेट यहां से प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होने जा रही हैं. यह ऐतिहासिक अवसर न केवल भारतीय सैन्य अकादमी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. वर्षों से पुरुष अधिकारियों को तैयार करने वाली इस प्रतिष्ठित संस्था से अब बेटियां भी सेना की मुख्यधारा में कदम रखेंगी.
पासिंग आउट परेड में दिखेगा ऐतिहासिक दृश्य
शनिवार को होने वाली पासिंग आउट परेड में कुल 515 कैडेट ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते नजर आएंगे. इनमें 481 भारतीय कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 अधिकारी कैडेट शामिल हैं. इस बार सबसे खास बात यह होगी कि पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परेड का हिस्सा बनेंगी. यह दृश्य भारतीय सेना में बदलते दौर और बढ़ती समानता का प्रतीक माना जा रहा है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु लेंगी सलामी
इस ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. वह परेड की सलामी लेंगी और युवा सैन्य अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं देंगी. राष्ट्रपति की मौजूदगी इस आयोजन की गरिमा को और बढ़ाने वाली है. देशभर की निगाहें इस समारोह पर टिकी हुई हैं.
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कैसे शुरू हुआ महिलाओं का IMA तक का सफर?
भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत होती रही है, लेकिन IMA तक पहुंचने का रास्ता हाल के वर्षों में खुला. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अगस्त 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी NDA में पहली बार महिला कैडेटों को प्रवेश मिला. यह फैसला भारतीय सैन्य इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा गया. तीन वर्षों तक कठोर सैन्य और शैक्षणिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन महिला कैडेटों ने मई 2025 में अपनी पढ़ाई पूरी की.
NDA से स्नातक होने वाली महिला कैडेटों में से नौ ने भारतीय थल सेना में सेवा देने का विकल्प चुना. इसके बाद उन्हें आगे के सैन्य प्रशिक्षण के लिए देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी भेजा गया. यहां उन्होंने पुरुष कैडेटों के साथ एक वर्ष का कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया. अब ये नौ महिला कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.