हाईकोर्ट ने पलटा जिला प्रशासन का आदेश, अब डीएसए मैदान में ही पढ़ी जाएगी ईद की नमाज
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिला प्रशासन के फैसले को पलटते हुए स्थानीय मुस्लिम समुदाय को आगामी 28 मई को ऐतिहासिक डीएसए मैदान में ईद की नमाज अदा करने की सशर्त अनुमति दे दी है.
देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में ईद-उल-अजहा की नमाज के आयोजन स्थल को लेकर जिला प्रशासन और स्थानीय खेल संघ द्वारा लगाई गई रोक का मामला अब पूरी तरह सुलझ गया है. जिला प्रशासन के पाबंदी वाले फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने सरकारी आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए मुस्लिम समुदाय को मैदान में नमाज की इजाजत दे दी है.
इससे ठीक एक दिन पहले नैनीताल के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) ने एक आधिकारिक गाइडलाइन जारी करते हुए यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया था कि ईद की नमाज केवल स्थानीय मस्जिदों और निजी प्रतिष्ठानों के परिसरों के भीतर ही अदा की जाए. जिला प्रशासन ने अपने इस कड़े फैसले के पीछे तर्क दिया था कि नैनीताल जिमखाना और जिला खेल संघ (डीएसए) का मुख्य मैदान केवल और केवल खेलकूद की गतिविधियों को संचालित करने के लिए आरक्षित है.
खेल प्रतियोगिताओं का दिया था हवाला
प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी दलील में अदालत को बताया था कि वर्तमान समय में उस मैदान पर कई महत्वपूर्ण स्थानीय खेल प्रतियोगिताएं और मैच पहले से ही चल रहे हैं. इसी का हवाला देते हुए प्रशासन ने कहा था कि इस खेल मैदान का उपयोग किसी भी प्रकार के बड़े धार्मिक आयोजन के लिए नहीं किया जा सकता. प्रशासन के इस अचानक आए रुख के बाद शहर के मुस्लिम धर्मावलंबियों में असमंजस और गहरी चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी.
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब जिला खेल संघ (डीएसए) ने पहले तो स्थानीय संस्था अंजुमन इस्लामिया को आगामी 28 मई 2026 को सामूहिक नमाज अदा करने के लिए इस मैदान के उपयोग की लिखित अनुमति दे दी थी. लेकिन इस आदेश के जारी होने के महज कुछ ही घंटों के भीतर मैनेजमेंट ने एक नया नोटिस निकालकर उस अनुमति को पूरी तरह रद्द कर दिया था. इस उतार-चढ़ाव से शहर का माहौल थोड़ा गरमा गया था.
शांति और कानून व्यवस्था की अपील
जिला प्रशासन ने स्थानीय शांति, कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने की बात कही थी. अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य खेल गतिविधियों को प्रभावित किए बिना, सभी नागरिकों से पारंपरिक रूप से मस्जिदों और निजी परिसरों में शांतिपूर्ण तरीके से नमाज संपन्न करने का आग्रह करना था. हालांकि, इस प्रशासनिक रोक के बाद नैनीताल के आम नागरिकों के बीच यह नई चर्चा भी शुरू हो गई थी कि क्या यह नियम भविष्य में अन्य त्योहारों पर भी लागू होगा.
और पढ़ें
- Uttarakhand Weather Updates: उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर, अगले 5 दिन बारिश का अलर्ट
- देहरादून में चाकू लेकर पुलिस के पीछे दौड़ा हरियाणा का युवक, वीडियो में देखें कैसे राजपुर रोड पर मची अफरा-तफरी
- 'किसी को परेशान नहीं करना है...', चारधाम यात्रा के बीच बकरीद से पहले नमाज को लेकर CM धामी ने चेताया