उत्तराखंड में SIR का पहला चरण आज होगा पूरा, 14 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची; बढ़ सकते हैं मतदान केंद्र
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण का पहला चरण आज यानी मंगलवार को दोपहर 12 बजे खत्म हो जाएगा. लगभग सभी गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं. अब निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे प्रदेश में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने की संभावना है.
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अपने पहले चरण के समापन पर पहुंच गया है. आज यानी मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हो जाएगी.
आयोग के अनुसार, एसआईआर के तहत प्राप्त 99.9 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा किया जा चुका है. इसके साथ ही मतदाता सूची को अद्यतन करने का पहला चरण समाप्त हो जाएगा और चुनावी तैयारियों का अगला चरण शुरू होगा.
एक महीने तक चला सत्यापन अभियान
प्रदेश में एसआईआर अभियान की शुरुआत 8 जून से की गई थी. इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए. बाद में भरे हुए प्रपत्र वापस एकत्र किए गए और मोबाइल एप के माध्यम से उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया.
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इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना रहा. अब मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद किसी भी नए गणना प्रपत्र को न तो स्वीकार किया जाएगा और न ही उसे डिजिटाइज किया जाएगा. इसके साथ ही इस चरण की सभी प्रशासनिक गतिविधियां समाप्त हो जाएंगी.
अब शुरू होगा मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण
एसआईआर पूरा होने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करेगा. आयोग का प्रयास है कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या संतुलित रहे और मतदान के दिन किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो. निर्धारित मानकों के अनुसार, जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से अधिक मतदाता होंगे, वहां अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए जाएंगे. इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी मतदाता को अपने मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े.
वर्तमान में प्रदेश में 11,733 मतदान केंद्र संचालित हैं. पुनर्निर्धारण के बाद इनकी संख्या में लगभग एक से दो हजार तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है. इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ मतदाताओं की सुविधा भी बढ़ेगी. मतदान केंद्रों की अंतिम स्थिति और उनके संबंध में विस्तृत जानकारी 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के साथ सार्वजनिक की जाएगी. इसके बाद मतदाता अपने नाम और संबंधित मतदान केंद्र की जानकारी का सत्यापन भी कर सकेंगे.