उत्तराखंड सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्धि की मजबूत नींव हैं. इसी सोच के साथ सरकार ऐसी योजनाएं लागू कर रही है, जिनसे खेती की लागत कम हो, उत्पादन बढ़े और किसानों की आय में स्थायी सुधार सुनिश्चित किया जा सके.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. उनका मानना है कि यदि किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे तो उत्तराखंड का ग्रामीण विकास भी तेज गति से आगे बढ़ेगा. इसी उद्देश्य से सरकार खेती को लाभकारी और सुविधाजनक बनाने वाली योजनाओं का विस्तार कर रही है, ताकि किसानों को आधुनिक संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके.
किसान हमारे अन्नदाता ही नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्धि के आधार भी हैं। उनकी आय बढ़ाने और खेती को आधुनिक बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने… pic.twitter.com/yBKRthU42o
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 28, 2026
सरकार किसानों को 3 लाख रुपए तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से किसानों को खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता मिल रही है और उन्हें ऊंचे ब्याज पर निजी स्रोतों से कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ रही. इससे खेती के लिए आवश्यक निवेश करना भी आसान हो रहा है.
खेती में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार कृषि यंत्रीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है. किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे खेती में श्रम की बचत होगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलने की संभावना मजबूत होगी.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य खेती को अधिक लाभकारी, आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाना है. उन्होंने विश्वास जताया कि ब्याजमुक्त ऋण और कृषि उपकरणों पर दी जा रही सब्सिडी जैसी योजनाएं किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. सरकार भविष्य में भी कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इसी प्रकार की जनहितकारी योजनाएं आगे बढ़ाती रहेगी.