'बिना पर्ची-खर्ची भर्ती से लेकर UCC तक', युवा अग्निवीर संवाद में CM धामी ने गिनाईं सरकार की बड़ी उपलब्धियां
देहरादून में आयोजित 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया.
देहरादून में आयोजित 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं से संवाद करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने अग्निवीर योजना, रोजगार, कौशल विकास और उत्तराखंड के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के लिए लगातार नए अवसर तैयार कर रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश का विकास बिना रुके आगे बढ़ता रहेगा.
सरकार की उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल पांच नहीं, बल्कि सैकड़ों महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें उत्तराखंड को इस सदी का नेतृत्व करने वाला राज्य बताया गया था. उन्होंने कहा कि सरकार ने हर क्षेत्र में सकारात्मक सोच के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है.
UCC और पारदर्शी भर्ती का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 34 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां पारदर्शी तरीके से हुई हैं. उनके अनुसार इन भर्तियों में 'बिना पर्ची, बिना खर्ची' की व्यवस्था अपनाई गई, जिससे युवाओं का भरोसा मजबूत हुआ है.
नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सबसे पहले नकल विरोधी कानून लागू किया गया. इस कानून के तहत 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई हो रही है और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है.
महिलाओं, युवाओं और सनातन पर रखे विचार
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं विभिन्न उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार उन्हें लगातार प्रोत्साहन दे रही है. उन्होंने उज्ज्वला योजना सहित कई योजनाओं का जिक्र किया. साथ ही कहा कि सनातन भारत की जीवन पद्धति है और देवभूमि उत्तराखंड से इसका जयघोष स्वाभाविक है. उन्होंने सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की भी सलाह दी.
सेना के संस्कार और विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अनुशासन की सीख अपने पिता से मिली, जिन्होंने महार रेजिमेंट में सेवा दी थी. उन्होंने जनरल बिपिन रावत को याद करते हुए सेना की परंपराओं का उल्लेख किया. साथ ही कहा कि उत्तराखंड ने हर क्षेत्र में प्रगति की है और सरकार का प्रयास तब तक जारी रहेगा, जब तक विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच जाता.