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MSME दिवस पर CM धामी का संदेश, बोले- उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव हैं छोटे उद्योग

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में MSME क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.

ANI
Meenu Singh

उत्तराखंड में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र केवल आर्थिक गतिविधियों का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रहा है. अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के उद्यमियों, नवोन्मेषकों और कर्मशील नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छोटे और मध्यम उद्योग आज देश और राज्य की प्रगति के प्रमुख आधार बन चुके हैं.

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा संदेश में MSME क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग न केवल नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं. यही वजह है कि MSME सेक्टर आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

रोजगार और नवाचार को मिल रही नई दिशा

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि MSME क्षेत्र युवाओं की प्रतिभा को अवसर देने का सशक्त माध्यम बन रहा है. आधुनिक तकनीक, नवाचार और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के जरिए छोटे उद्योग नए बाजारों तक पहुंच बना रहे हैं. इससे युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरणा मिल रही है और वे अपने क्षेत्रों में ही रोजगार के नए अवसर विकसित कर रहे हैं.


पर्वतीय क्षेत्रों में दिख रहा सकारात्मक बदलाव

CM ने विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम तेजी से विकसित हो रहे हैं. कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प, जड़ी-बूटी और पारंपरिक उत्पादों से जुड़े छोटे उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे रहे हैं. इससे पहाड़ों में रहने वाले युवाओं को अपने घर के आसपास ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.

पलायन रोकने में निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

CM धामी ने आगे कहा कि MSME आधारित गतिविधियां पर्वतीय क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने में भी मददगार साबित हो रही हैं. जब स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के साधन उपलब्ध होंगे, तो लोग अपने गांवों और कस्बों में रहकर ही बेहतर भविष्य बना सकेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में MSME क्षेत्र उत्तराखंड के समग्र विकास और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.