धामी कैबिनेट का होगा विस्तार, आज 5 नए मंत्री लेंगे शपथ; किसकी लगेगी लॉटरी?

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज अपनी कैबिनेट का विस्तार करने जा रहे हैं. पांच नए मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे, जिससे मंत्रिमंडल पूर्ण हो जाएगा और कुल 12 सदस्य बनेंगे. यह फैसला नवरात्रि के शुभ अवसर पर लिया गया है, जिसमें उन जिलों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है जिन्हें अब तक प्रतिनिधित्व नहीं मिला था. 

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Kuldeep Sharma

उत्तराखंड की राजनीति में लंबे इंतजार के बाद आज बड़ा बदलाव होने वाला है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार सुबह राजभवन में राज्यपाल से नए मंत्रियों की शपथ दिलवाएंगे. पांच रिक्त पद भरने से सरकार मजबूत होगी और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियां तेज होंगी. क्षेत्रीय संतुलन पर खास ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के हर हिस्से की आवाज सुनी जा सके. यह कदम न केवल प्रशासनिक बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

शपथ ग्रहण का कार्यक्रम

शुक्रवार सुबह 10 बजे लोकभवन या राजभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. यह समारोह नवरात्रि के दूसरे दिन हो रहा है, जब शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है. मुख्यमंत्री ने केंद्र नेतृत्व से पूरी छूट मिलने के बाद यह फैसला लिया है. इस फैसले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है.

क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

इस विस्तार में उन जिलों के विधायकों को मौका मिल सकता है जिन्हें पहले प्रतिनिधित्व नहीं मिला. हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़ और टिहरी जैसे क्षेत्रों से नाम उभर रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि जातीय और भौगोलिक समीकरणों को ध्यान में रखकर चयन किया जा रहा है, ताकि सरकार अधिक समावेशी बने.

चुनावी तैयारी और समय

गौरतलब है कि अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं. नए मंत्रियों को करीब 10 महीने काम करने का पूरा अवसर मिलेगा. यह विस्तार मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है, जो संगठन और सरकार में संतुलन बनाएगा तथा अटकलों पर रोक लगाएगा. इसके साथ ही मंत्रियों को जिम्मेदारी मिलने से नये नेताओं में भी एक उम्मीद जगेगी, जिससे आगे पार्टी को चुनावों में इसका लाभ मिलेगा.

राजनीतिक महत्व

नवरात्रि के दौरान यह फैसला मुख्यमंत्री की रणनीति का हिस्सा है. इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और विपक्ष पर दबाव बनेगा. धामी सरकार अब पूरी टीम के साथ विकास कार्यों पर तेजी से ध्यान दे सकेगी. सरकार का यह फैसला इस समय आना रणनीति का हिस्सा हो सकता है.