हरिद्वार के घाटों पर चला सफाई अभियान, प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
हरिद्वार में गंगा घाटों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष स्वच्छता अभियान चलाया. बुधवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर यह अभियान आयोजित किया गया, जिसमें सफाई के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने का काम भी किया गया.
हरिद्वार: पवित्र तीर्थ नगरी हरिद्वार में गंगा घाटों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष स्वच्छता अभियान चलाया. बुधवार को हरकी पैड़ी क्षेत्र के प्रमुख घाटों पर यह अभियान आयोजित किया गया, जिसमें सफाई के साथ-साथ अतिक्रमण हटाने का काम भी किया गया.
हरिद्वार के घाटों पर चला सफाई अभियान
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में शिव घाट, सुभाष घाट, मालवीय घाट और विष्णु घाट शामिल थे. प्रशासन की टीम ने घाटों पर जमा कचरा साफ किया और अवैध कब्जों को हटाकर जगह को खुला बनाया. अभियान का मकसद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है.
प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण
इस मुहिम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम, भारतीय स्काउट एवं गाइड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. नगर निगम की टीम ने घाटों पर लगे अतिक्रमणों को हटाया और व्यवस्था सुधारी. साथ ही लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक भी किया गया.
Also Read
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत ने बताया कि हरिद्वार को साफ, सुंदर और व्यवस्थित रखने के लिए नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा- 'तीर्थयात्री, व्यापारी और स्थानीय नागरिकों से अपील है कि गंगा घाटों, सार्वजनिक स्थानों और खुले इलाकों में कूड़ा न फेंकें. नगर निगम द्वारा लगाए गए कूड़ेदानों का इस्तेमाल करें, ताकि मां गंगा की पवित्रता बनी रहे.'
अभियान के दौरान नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर सोनिया सिंह, सफाई निरीक्षक संजय शर्मा, गंगा सभा के सदस्य, आदर्श युवा समिति, आस्था सेवा संस्थान और अन्य स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. सभी ने मिलकर घाटों की सफाई की और श्रद्धालुओं से घाटों को साफ रखने की अपील की.
हरिद्वार में हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं. ऐसे में घाटों की स्वच्छता बनाए रखना बहुत जरूरी है. प्रशासन का कहना है कि यह अभियान एक बार का नहीं बल्कि निरंतर चलने वाला कार्यक्रम है. आने वाले समय में अन्य घाटों पर भी ऐसी मुहिम चलाई जाएगी.