बिना कपड़ों के बंधी मिली युवती..., बदले की आग में रच डाली गैंगरेप की कहानी; ये शख्स निकला मास्टरमाइंड?
उत्तराखंड के चंपावत में 16 वर्षीय किशोरी से कथित गैंगरेप मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस की जानकारी के अनुसार यह साजिश है. सभी आरोप झूठे हैं. आरोपियों को फंसाने की कोशिश की गई.
Champawat Fake Gangrape: उत्तराखंड के चंपावत में कुछ दिन पहले एक 16 साल की किशोरी से गैंगरेप की घटना ने सबको झकझोर दिया था. पीड़िता के पिता ने इस मामले में भाजपा नेता और अग्निवीर समेत 3 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था. अब इस मामले में एक ऐसा सच निकल कर सामने आया है जिसने पूरे केस का रुख बदल कर रख दिया है. पुलिस के अनुसार पूरी की पूरी कहानी ही साजिश है.
बच्ची निर्वस्त्र और बंधी अवस्था में मिली थी
चंपावत एसपी रेखा यादव ने बताया कि लड़की अपनी सहेली की शादी समारोह में गई थी. उसी दौरान लापता होने की सूचना पुलिस को मिली. आनन फानन में पुलिस की एक टीम तुरंत सल्ली गांव के लिए रवाना हुई थी. जांच में किशोरी निर्वस्त्र और बंधी अवस्था में एक घर में पाई गई थी. लेकिन पुलिस ने एक कांड को फर्जी बताया है. मकसब बदला लेना था. पीड़िता ने कोर्ट में यह स्वीकार किया है कि उसके साथ गैंग रेप नहीं हुआ है.
मेडिकल और तकनीकी जांच में नहीं हुई पुष्टि
पुलिस के मुताबिक मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई. सीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने दावा किया कि किशोरी के शरीर पर किसी तरह की बाहरी या अंदरूनी चोट के निशान नहीं मिले. वहीं सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जांच में भी आरोपियों की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं पाई गई.
मजिस्ट्रेट के सामने बदला बयान
एसपी रेखा यादव के अनुसार किशोरी ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में कहा कि आरोपितों की इस मामले में कोई भूमिका नहीं थी. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों को जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई थी. इसके बाद पूरे मामले की दिशा बदल गई.
पूर्व बीडीसी सदस्य पर साजिश रचने का आरोप
पुलिस ने दावा किया कि इस कथित साजिश के पीछे पूर्व बीडीसी सदस्य कमल रावत का हाथ हो सकता है. आरोप है कि उन्होंने पीड़िता को कई तरह के प्रलोभन दिए थे. पुलिस ने गुरुवार को कमल रावत को कोर्ट परिसर से हिरासत में लिया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध भी किया.
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल
मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किए और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए. वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर बिना जांच के राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि बिना सबूत पार्टी कार्यकर्ताओं को बदनाम करने की कोशिश की गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.