6 दिन बाद खत्म हुआ चमोली टनल रेस्क्यू, आखिरी मजदूर का शव मिला; हादसे में 10 की मौत, 12 घायल

उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग हादसे के छह दिन बाद आखिरी लापता मजदूर का शव बरामद कर लिया गया. हादसे में 10 मजदूरों की मौत हुई, जबकि 12 घायल हुए.

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Kuldeep Sharma

चमोली के पीपलकोटी में सुरंग हादसे के बाद छह दिनों से चल रहा बचाव अभियान आखिरकार खत्म हो गया है. मंगलवार को आखिरी लापता श्रमिक का शव भी बरामद कर लिया गया. 13 अगस्त को हुए इस हादसे में मलबे और पानी के अचानक भरने से कई मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए थे.

आखिरी मजदूर का शव मिला

रेस्क्यू टीमों ने मंगलवार को सुरंग से दो शव बाहर निकाले. इनमें झारखंड के खूंटी निवासी 31 वर्षीय लुकास टोपनो और छत्तीसगढ़ के चेतन पोयाम शामिल थे. आखिरी शव मिलने के साथ ही सुरंग में फंसे सभी मजदूरों की तलाश पूरी हो गई. हादसे में कुल 10 श्रमिकों की जान गई, जबकि 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया.

अचानक भरा था मलबा और पानी

हादसा 13 अगस्त की शाम विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में हुआ था. भूस्खलन के बाद मलबे और पानी ने करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का रास्ता रोक दिया. इस दौरान 22 मजदूर भीतर फंस गए थे. जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत संयुक्त अभियान शुरू किया और लगातार बचाव कार्य चलाया.


कीचड़ के बीच जारी रहा अभियान

सुरंग के अंदर कई फीट तक मलबा और पानी जमा होने से बचाव दल के सामने बड़ी चुनौती थी. पानी निकालने के लिए बड़े सक्शन पंप लगाए गए और मलबा हटाने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया. टीमों ने सुरंग के अलग-अलग हिस्सों में लगातार तलाश की. इसी दौरान पांच जेसीबी मशीनों में से तीन को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बचाव कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली.

प्रशासन ने बताया अभियान पूरा

आखिरी मजदूर का शव मिलने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया. प्रशासन और बचाव दल के अधिकारी पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्य की निगरानी करते रहे. छह दिन तक चले इस अभियान में कई विभागों ने मिलकर काम किया. अब सभी लापता श्रमिकों की तलाश पूरी हो चुकी है और रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त कर दिया गया है.