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नानकसागर बांध क्षेत्र में चला प्रशासन का बुलडोजर, सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को किया ध्वस्त

नानकसागर बांध क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से निर्मित मजार और भवन को ध्वस्त कर दिया.

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Shanu Sharma

नानकसागर बांध क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया.

बांध परिसर के भीतर अवैध रूप से निर्मित एक मजार और उससे जुड़े भवन को प्रशासनिक टीम ने ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई को सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

निर्माण की अनुमति नहीं

जानकारी के अनुसार, यह अभियान उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें उत्तराखंड प्रशासन और पुलिस विभाग ने भी सक्रिय सहयोग दिया. प्रशासन द्वारा पहले से ही पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण और जांच प्रक्रिया पूरी की गई थी. संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह पाया गया कि जिस भूमि पर निर्माण किया गया था, वह सिंचाई विभाग की सरकारी संपत्ति है और उस पर किसी प्रकार की निर्माण अनुमति नहीं ली गई थी.


अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया. कार्रवाई को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए इलाके में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई. अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से अवैध निर्माण को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो कई घंटों तक चली. अभियान के दौरान क्षेत्र में आम लोगों की आवाजाही पर भी निगरानी रखी गई ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो.

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक नानकसागर बांध और उससे जुड़ा जलाशय क्षेत्र उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है. विभागीय रिकॉर्ड में यह भूमि सरकारी संपत्ति के रूप में दर्ज है. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित निर्माण बिना वैधानिक अनुमति के किया गया था, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई. कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि कार्रवाई का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके. इसके अलावा क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया.

अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा. विशेष रूप से बांध, जलाशय और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी यदि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण या कब्जे की शिकायतें सामने आती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. ध्वस्तीकरण अभियान के बाद संबंधित भूमि को विभाग के कब्जे में लेकर अतिक्रमणमुक्त घोषित कर दिया गया.