'तुम्हारे पापा चरस के साथ पकड़े गए हैं अगर...', वीडियो कॉल पर मारपीट देखकर डर गयी बेटी; गोरखपुर में सामने आए ऐसे दो बड़े मामले

गोरखपुर में साइबर ठगों ने एक युवती को उसके पिता की फर्जी गिरफ्तारी और मारपीट का वीडियो दिखाकर 96 हजार रुपये ठग लिए. चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है.

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Km Jaya

गोरखपुर: 'आपके पिता चरस और स्मैक के साथ पकड़े गए हैं.' गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके की एक युवती इस दावे से इतनी डर गई कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस गई और ₹96,000 गंवा बैठी. पुलिस इंस्पेक्टर बनकर ठगों ने दावा किया कि उसके पिता को चरस और स्मैक के साथ गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने मारपीट का वीडियो भेजकर परिवार को डराया और अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. 

मोहद्दीपुर की रहने वाली पूजा ने SP को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें अपने WhatsApp नंबर पर एक कॉल आया. कॉलर ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताया और दावा किया कि उनके पिता नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं. 

वीडियो में क्या दिया दिखाई?

उसने एक वीडियो भेजा जिसमें एक व्यक्ति की पिटाई हो रही थी और बैकग्राउंड में किसी के मदद के लिए गिड़गिड़ाने की आवाज सुनाई दे रही थी.  वीडियो भेजने के कुछ ही देर बाद उसे डिलीट कर दिया गया. आरोप है कि कॉलर ने पिता को छोड़ने के बदले ₹1 लाख की मांग की और धमकी दी कि अगर किसी से इस मामले पर बात की गई तो उन्हें मार दिया जाएगा.

डर के मारे परिवार ने गहने बेचे और ब्याज पर पैसे लिए ताकि ठगों द्वारा भेजे गए QR कोड के जरिए पेमेंट किया जा सके. बाद में, जब उन्होंने अपने पिता से संपर्क किया, तो पता चला कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी. असल में वे उस समय बेंगलुरु में काम कर रहे थे.

धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़िता ने 20 मई, 2026 को साइबर हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उन्हें कैंट पुलिस स्टेशन बुलाया गया, जहां पूरी घटना का विवरण दर्ज किया गया. कार्रवाई में तेजी लाने के लिए पीड़िता शुक्रवार को SP से मिलीं और मामले की जांच साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई और ठगे गए पैसे की रिकवरी की मांग की. 

पहले भी नौकरी की झांसा देकर हुई ठगी?

बरहलगंज के चैनपुर गांव के एक युवक ने खुद को बिहार पुलिस का कॉन्स्टेबल बताकर और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का वादा करके 2.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी की. माया देवी (चंद्रशेखर निषाद की पत्नी) की शिकायत पर पुलिस ने रोहित निषाद, शीला देवी, राहुल निषाद, सरिता देवी और नरेंद्र पाठक के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है. 

क्या दर्ज कराई शिकायत?

अपनी शिकायत में माया देवी ने बताया कि उनका रिश्तेदार रोहित निषाद खुद को बिहार पुलिस में कॉन्स्टेबल बताता है. उसने उनके बेटे किशोर निषाद को गुमराह किया और नौकरी दिलाने के बहाने अलग-अलग तारीखों पर अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में 2.23 लाख रुपये जमा करवाए. जब ​​नौकरी नहीं मिली और पैसे वापस मांगे गए, तो उसने उन्हें जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी.